मध्य प्रदेश के कटनी जिले में अवैध मदिरा के अवैध विक्रय, अवैध परिवहन और उसके गैरकानूनी संग्रहण के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा एक सघन और विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की सीमाओं के भीतर शराब के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कसना और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। कटनी जिले के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त और स्पष्ट निर्देशों के तहत, आबकारी विभाग पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है और लगातार औचक निरीक्षण एवं गश्त कर रहा है।

इसी कड़ी में, आबकारी विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। संभागीय उड़नदस्ता आबकारी विभाग के उपायुक्त श्री यशवंत धनौरा द्वारा दिए गए विशेष दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, आबकारी अमले द्वारा क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त की जा रही थी। गश्त के दौरान अधिकारियों को गुप्त सूत्रों एवं क्षेत्र की स्थिति से यह अनुमान था कि असामाजिक तत्व अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का प्रयास कर सकते हैं, जिसके चलते पूरी टीम पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात थी।

कटनी रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध स्थिति में पकड़े गए आरोपी शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026 को जब आबकारी अमला कटनी रेलवे स्टेशन के आसपास गश्त कर रहा था, उसी दौरान उनकी नजर प्लेटफार्म क्रमांक-1 के पास स्थित शिव मंदिर के समीप दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। दोनों व्यक्ति अपनी पीठ पर पिट्ठू बैग लादे हुए थे और उनके हाथों में भारी थैले भी मौजूद थे। उनकी संदिग्ध हरकतों को देखकर आबकारी दल को उन पर तुरंत संदेह हुआ।

अधिकारियों ने बिना समय गंवाए उन दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनसे पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों ने अपनी पहचान बताई। उन्होंने खुलासा किया कि उनका नाम शैलेश अविरल राज और कौशल तिवारी है, तथा वे दोनों मूल रूप से बिहार राज्य के निवासी हैं। शुरुआती पूछताछ में उनके जवाब संदेहास्पद और गोलमोल प्रतीत हुए, जिसके बाद आबकारी दल ने उनके पास मौजूद बैगों और थैलों की गहन तलाशी लेने का निर्णय लिया।

बरामद अवैध विदेशी मदिरा और उसकी मात्रा का विवरण जब अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के पास मौजूद संदिग्ध पिट्ठू बैगों और हाथों के थैलों की विधिवत तलाशी ली, तो उनके अंदर से भारी मात्रा में विदेशी शराब के कार्टून और बोतलें बरामद हुईं। बरामद की गई इस अवैध मदिरा का पूरा विवरण नीचेानुसार है:

  • 8 पीएम व्हिस्की: 16 बोतल

  • रॉयल सेलेक्ट बैरल व्हिस्की: 24 बोतल

  • रॉयल स्टैग व्हिस्की: 22 बोतल

  • ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की: 10 बोतल

इस प्रकार, कुल मिलाकर विभिन्न ब्रांड्स की 72 बोतल विदेशी मदिरा मौके से बरामद की गई। आबकारी विभाग की माप के अनुसार, इस जब्त की गई कुल मदिरा की मात्रा 54 बल्क लीटर बैठती है। बाजार मूल्य के आधार पर इस अवैध रूप से ले जा रही शराब की अनुमानित कीमत लगभग 78 हजार 200 रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब का इस प्रकार अवैध परिवहन किया जाना एक गंभीर मामला था।

पारपत्र का अभाव और कानूनी कार्रवाई पकड़े गए दोनों आरोपियों से जब इस मदिरा के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेजों या पारपत्र (Permit) के बारे में पूछा गया, तो वे किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज या शासन की अनुमति दिखाने में पूरी तरह असमर्थ रहे। उनके पास शराब परिवहन का कोई भी अधिकारिक वैध पारपत्र नहीं पाया गया।

चूंकि यह कृत्य मध्य प्रदेश आबकारी कानून के प्रावधानों का खुला उल्लंघन था, इसलिए आबकारी विभाग ने बिना किसी देरी के पूरी मदिरा को जप्त कर लिया। दोनों आरोपियों (शैलेश अविरल राज और कौशल तिवारी) के विरुद्ध 'मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915' की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के अंतर्गत औपचारिक रूप से प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। इसके पश्चात, दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और अग्रिम विधिक कार्रवाई के तहत उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

सराहनीय कार्रवाई में शामिल आबकारी दल के सदस्य इस पूरी सफल और त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने में कटनी आबकारी विभाग के मैदानी अमले और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इस पूरी कार्रवाई में आबकारी कंट्रोल रूम प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मंशाराम उइके, वृत्त प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री प्रवीण रतन वरकड़े, आबकारी मुख्य आरक्षक श्री किशन लाल बरोदिया, श्री अनुराग शर्मा सहित अन्य विभागीय आबकारी स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह किया। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध शराब का कारोबार करने वाले असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है, और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के अवैध अभियानों के खिलाफ लगातार कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।

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