विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को सर्वांगीण रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कटनी जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'उमंग कार्यक्रम' के अंतर्गत एक व्यापक स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आधुनिक जीवनशैली में विद्यार्थियों के बीच बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, विशेष रूप से पोषण की कमी, एनीमिया, और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग के नेतृत्व और उमंग प्रभारी डॉ. राजकुमार के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और गरिमामयी उपस्थिति

इस विशेष स्वास्थ्य संगोष्ठी का शुभारंभ पारंपरिक और पावन रूप से माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत, जिला चिकित्सालय कटनी से विशेष रूप से पधारे स्वास्थ्य विशेषज्ञों—श्रीमती कशिश बत्रा, श्रीमती माधुरी शिवहरे, एवं श्रीमती माधुरी तिवारी—का स्वागत किया गया। इन विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, खान-पान और मानसिक संतुलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक और वैज्ञानिक जानकारियां दीं।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापकों और आचार्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. राजकुमार, डॉ. अतुल कुमार, डॉ. जयप्रकाश अवस्थी, डॉ. अंकिता खंडेलवाल, और डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा शामिल रहे। इन सभी की उपस्थिति ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।

उत्तम स्वास्थ्य और जीवन मूल्य पर विचार

कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि "उत्तम स्वास्थ्य ही मनुष्य के जीवन का असली संरक्षक है।" उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।

डॉ. गर्ग ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में विद्यार्थियों को अकादमिक दबाव और मानसिक तनाव से बचने के लिए योग, प्राणायाम, और नियमित रूप से पौष्टिक आहार का सेवन करने की आवश्यकता है। उन्होंने दैनिकचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने को अनिवार्य बताया ताकि युवा पीढ़ी मानसिक रूप से मजबूत और ऊर्जावान बनी रहे।

पोषण और एनीमिया से बचाव पर विशेष सत्र

जिला चिकित्सालय कटनी से पधारें विशेषज्ञ दल की ओर से श्रीमती कशिश बत्रा ने विशेष रूप से छात्राओं और विद्यार्थियों को आहार और पोषण के महत्व को समझाया। उन्होंने कैल्शियम, विटामिन बी-12, आयरन और अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

  • संतुलित आहार की महत्ता: श्रीमती बत्रा ने समझाया कि शरीर को रोगमुक्त और सक्रिय रखने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है।

  • जंक फूड से दूरी: उन्होंने विद्यार्थियों को सख्त सलाह दी कि वे बाजार मिलने वाले अनहेल्दी जंक फूड और फास्ट फूड से पूरी तरह बचें और इसके स्थान पर घर के बने ताजे एवं पौष्टिक भोजन को अपनी दिनचर्या में प्राथमिकता दें।

  • एनीमिया निवारण: विशेष रूप से छात्राओं में होने वाली खून की कमी (एनीमिया) के लक्षणों, उसके दुष्परिणामों और उससे बचाव के लिए आयरनयुक्त आहार (जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, और मोटे अनाज) लेने की सलाह दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य और 'मनहित ऐप' की जानकारी

स्वास्थ्य संगोष्ठी का एक अन्य प्रमुख आकर्षण मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीकी सहायता का समन्वय रहा। जिला चिकित्सालय की विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।

अक्सर परीक्षा के तनाव, भविष्य की चिंता या अन्य कारणों से विद्यार्थी मानसिक अवसाद का शिकार हो जाते हैं। इससे निपटने के लिए उन्हें नियमित योग, ध्यान और सकारात्मक संवाद अपनाने की प्रेरणा दी गई। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए विकसित किए गए 'मनहित ऐप' (Manhit App) के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि यदि वे कभी भी अत्यधिक मानसिक तनाव या उलझन महसूस करें, तो वे इस डिजिटल माध्यम से सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

योग, व्यायाम और दैनिक दिनचर्या में सुधार

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को योगासन और हल्के व्यायामों का अभ्यास करने के तरीके भी बताए। उन्होंने बताया कि मात्र 15 से 20 मिनट का नियमित योग और प्राणायाम विद्यार्थियों की एकाग्रता (Concentration), स्मरण शक्ति (Memory), और शारीरिक सहनशक्ति (Stamina) को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा सकता है। योग से न केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि मन भी शांत और केंद्रित रहता है, जो पढ़ाई के लिए सबसे अनुकूल स्थिति है।

विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और आभार प्रदर्शन

संगोष्ठी के दौरान सभी सत्रों में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारियों को बहुत ध्यान से सुना और स्वास्थ्य से जुड़े अपने कई प्रश्नों के समाधान भी प्राप्त किए।

कार्यक्रम के अंत में उमंग प्रभारी डॉ. राजकुमार ने औपचारिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने जिला चिकित्सालय कटनी से पधारीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ टीमों, महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, और उपस्थित विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस संगोष्ठी से प्राप्त ज्ञान को विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन में अपनाएंगे और अपने मित्रों तथा परिवारजनों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे।

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