कटनी जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के पालन में परिवहन विभाग ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों में एक व्यापक और सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर चलने वाले यात्री वाहनों, स्कूल बसों, मालवाहकों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करना था। परिवहन विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधनों में हड़कंप मच गया, और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई।

अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के नेतृत्व में व्यापक निरीक्षण

इस सघन जांच अभियान की रूपरेखा और इसके संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री संतोष पॉल ने बताया कि विभाग की टीमों ने दिनभर विभिन्न स्थानों पर वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान कुल 18 स्कूल बसों और 22 यात्री बसों के दस्तावेजों और तकनीकी सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। जांच के शुरुआती चरणों में ही कई गंभीर प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। विशेष रूप से यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिना वैध परमिट के चलाई जा रही बसों पर विभाग ने त्वरित एक्शन लिया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि जिले में सड़क सुरक्षा नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

बिना वैध परमिट संचालित दो यात्री बसें जब्त

यात्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चलाई गई इस मुहिम के दौरान दो यात्री बसें पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित होती पाई गईं। जांच में यह बात सामने आई कि इन दोनों यात्री बसों का संचालन बिना किसी वैध परमिट के किया जा रहा था, जो कि मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का खुला उल्लंघन है। बिना परमिट के यात्रियों की जान जोखिम में डालकर वाहन चलाने के आरोप में परिवहन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों यात्री बसों को जब्त कर लिया। सुरक्षा और जब्ती की कार्रवाई के बाद इन दोनों बसों को आगामी आदेश और औपचारिकताएं पूरी होने तक थाना कुठला में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। परिवहन विभाग ने इसके साथ ही सभी वाहन संचालकों और बस मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भविष्य में बिना पूर्ण और वैध दस्तावेजों के अपने वाहनों का संचालन बिल्कुल न करें।

सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर दो स्कूल बसों की फिटनेस निरस्त

बच्चों की स्कूली यात्रा की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विशेष जांच की। इस दौरान ग्लोबल पब्लिक स्कूल की बस (क्रमांक एमपी-21-जेडजी-7043) और वेल वेदर स्कूल की बस (क्रमांक एमपी-21-पी-0445) की जांच में गंभीर खामियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान इन दोनों ही बसों में सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी कैमरे नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, वाहनों में वीएलटीडी (वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) का चालू हालत में न होना और अन्य तकनीकी कमियां भी सामने आईं। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मामला होने के कारण परिवहन विभाग ने बिना किसी देरी के दोनों स्कूल बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। फिटनेस निरस्त करने के बाद इन दोनों बसों को भी थाना कुठला में सुरक्षार्थ सुरक्षित खड़ा कराया गया।

स्कूल संचालकों को नोटिस और नियमों के पालन की सख्त हिदायत

स्कूल बसों की फिटनेस निरस्त करने के पश्चात परिवहन विभाग ने संबंधित स्कूल संचालकों को औपचारिक रूप से नोटिस जारी किए हैं। विभाग द्वारा स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त किए गए हैं, उनमें निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी कमियों और तकनीकी त्रुटियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार तुरंत पूरा किया जाए। कमियों को दूर करने के बाद ही वाहनों की दोबारा से फिटनेस जांच कराई जाए और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही उनका संचालन सुनिश्चित किया जाए।

परिवहन विभाग की ओर से स्कूल संचालकों को यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि फिटनेस निरस्त किए गए इन वाहनों में पाई गई कमियों को सुधारे बिना अथवा बिना दोबारा फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त किए सड़कों पर चलाया जाता है, तो इसकी संपूर्ण नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित स्कूल संचालक की होगी। ऐसे अवहेलना करने वाले मामलों में भविष्य में स्कूल संचालक के विरुद्ध विधि के अनुसार और भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ओवरलोड मालवाहक और बिना फिटनेस एंबुलेंस पर भी शिकंजा

केवल यात्री और स्कूल बसों तक ही सीमित न रहते हुए, इस जांच अभियान का दायरा मालवाहक वाहनों और एंबुलेंस तक भी विस्तृत रखा गया। अभियान के दौरान परिवहन टीम ने एक मालवाहक वाहन को उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक भार (ओवरलोड) लादकर चलते हुए पकड़ा। यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित होने वाले इस ओवरलोड मालवाहक वाहन को तुरंत जब्त कर लिया गया और उसे थाना बड़वारा में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया। विभाग ने मालवाहक संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने वाहनों में केवल तय सीमा के भीतर ही माल का परिवहन करें।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण वाहन पर भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान एक एंबुलेंस बिना किसी वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के सड़कों पर दौड़ती हुई पाई गई। मेडिकल इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाली इस एंबुलेंस के पास जरूरी फिटनेस न होने के कारण विभाग ने इसे भी गंभीर लापरवाही मानते हुए जब्त कर लिया और थाना कुठला में सुरक्षार्थ खड़ा कराया। परिवहन विभाग ने जिले के सभी वाहन मालिकों और संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के सभी दस्तावेज जैसे परमिट, फिटनेस, बीमा, टैक्स और अन्य सुरक्षा संबंधी कागजात हमेशा अद्यतन रखें तथा सड़क पर सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।

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