केसली में वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेष चरवाहा सम्मेलन आयोजित

केसली (सागर) में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक विशेष चरवाहा सम्मेलन का आयोजन किया गया। दक्षिण वन मंडल सागर के अंतर्गत यह सम्मेलन वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जंगलों की हिफाजत और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।

  • सम्मेलन में क्षेत्र के चरवाहों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
  • वन विभाग के अधिकारियों ने चरवाहों को जंगल में पशु चराते समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।
  • मवेशियों को चराते वक्त वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
  • ग्रामीणों को वन संरक्षण नियमों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
  • संदिग्ध या अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि केवल विभाग के बलबूते पर जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा नहीं की जा सकती। इसके लिए स्थानीय समुदायों और चरवाहों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी चरवाहों और ग्रामीणों ने वन संपदा को नुकसान न पहुँचाने और वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का हरसंभव सहयोग करने का संकल्प लिया। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभय दुबे, प्रशिक्षु अधिकारी राज बहादुर तिवारी, परिक्षेत्र सहायक उत्तम यादव, वन रक्षक आशीष सैनी, देवेंद्र दुबे और हरिओम तिवारी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण व चरवाहे उपस्थित रहे।

इस प्रकार के कार्यक्रम वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदायों को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यह सम्मेलन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जो भविष्य में वन संरक्षण के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।