केसली(सागर) - देशभर में ग्रामीण संपत्ति के मालिकों को मालिकाना हक दिलाने वाली स्वामित्त योजना (SVAMITVA Scheme) सागर जिले के केसली तहसील में बेहतरीन परिणाम दे रही है। यहां हर ग्राम पंचायत और आबादी क्षेत्र में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके जरिए ग्रामीण इलाकों में संपत्तियों के दस्तावेज तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।
​केसली के तहसीलदार देवी प्रसाद चक्रवर्ती ने जानकारी दी कि इन शिविरों के माध्यम से तहसील में अब तक लगभग 300 रजिस्ट्रीयाँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। इस पूरी प्रक्रिया को जमीन पर उतारने के लिए पंचायत और राजस्व विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के मैदानी अमले की खास ड्यूटी लगाई गई है।

​विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी

​इस अभियान को सफल बनाने में कई विभागों और कर्मचारियों का अहम योगदान रहा है।

​कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका: सचिव, पटवारी, रोजगार सहायक, सर्वेयर, कोटवार, महिला बाल विकास और कृषि विभाग के कर्मचारी शिविर स्थल पर मुस्तैद हैं।

​शिक्षकों का सहयोग: शैक्षणिक कार्य के अलावा खाली समय में शिक्षकों का अमला भी मौके पर पहुंचकर हितग्राहियों को शिविर तक लाने में मदद कर रहा है।

​ई-केवाईसी और ऑनलाइन आवेदन: सर्वेयर, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक मिलकर लोगों की ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करवा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमपी सेवा (MP Seva) पोर्टल के जरिए हितग्राहियों के आवेदन ऑनलाइन कराए जा रहे हैं।

​कम स्टाफ के बावजूद जिले में दूसरा स्थान

​तहसील में अमले की संख्या कम होने के बावजूद बेहतरीन प्रशासनिक तालमेल और टीम वर्क के कारण केसली ने सागर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा, केसली के पटवारी देवेंद्र रैकवार ने भी अपने उत्कृष्ट कार्यों के दम पर जिले के सभी पटवारियों की रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल कर तहसील का नाम रोशन किया है।
​इस योजना के धरातल पर उतरने से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों में कमी आएगी और लोगों को अपनी संपत्ति पर बैंक लोन व अन्य कानूनी अधिकार आसानी से मिल सकेंगे।