मूसलाधार बरसात से पलेरा तहसील क्षेत्र के मगरई अलोपा में फसलें तबाह, किसानों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़
दित्यपाल राजपूत
पलेरा तहसील क्षेत्र के मगरई अलोपा अंचल में पिछले 4-5 दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्धा बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कई हजारों एकड़ में लगी मूंग, उड़द, तिल और सोयाबीन की फसल खेतों में ही सड़ गई है।
#तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि खेत तालाब बन गए हैं। घुटने भर पानी में मूंग की फलियां काली पड़कर फट रही हैं। किसान हाथ में फसल लेकर रो रहा है।
#लागत भी नहीं निकलेगी
स्थानीय किसान धूराम लोधी हरिश्चंद्र राजपूत भागचंद राजपूत भरत राजपूत देवी लोधी रमाकांत विश्वकर्मा रामस्वरूप पाल गोरेलाल लोधीअलोपा सहित कई किसानों ने बताया कि एक एकड़ में 12 से 15 हजार रुपये की लागत आई है। खाद, बीज, दवाई सब कर्ज लेकर डाला था। लगातार पानी भरने से पौधे की जड़ें गल गई हैं। अब खेत से एक किलो अनाज भी निकलना मुश्किल है।
#कलेक्टर से सर्वे की मांग
किसानों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से मांग की है कि पलेरा और टौरी क्षेत्र के सभी गांवों - अलोपा मगरई पाली रतनगुवा गुडा मोर रमन्ना सहित पूरे अंचल में तत्काल राजस्व अमले और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर सर्वे कराया जाए।
#खराब फसल की गिरदावरी कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मध्यप्रदेश सरकार फसल की सर्वेकर करवा कर मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलाई जाए।
#तहसीलदार को ज्ञापन की तैयारी
क्षेत्र के किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर अंदर सर्वे शुरू नहीं हुआ तो टीकमगढ़ जिले की पलेरा, के किसान एकजुट होकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपेंगे।
किसानों का कहना है - जब तक आप आवाज नहीं उठाएंगे, सरकार अनदेखा करती रहेगी।
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