मध्य प्रदेश के नीमच जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक निराकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, जिला मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान नीमच जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे कुल 71 आवेदकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की बात को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में प्राप्त हुए विविध विषयों से जुड़े आवेदन
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में नागरिकों की ओर से शासन की विभिन्न योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े कुल 71 आवेदन दर्ज किए गए। इन प्राप्त आवेदनों में कृषि, स्वास्थ्य, आवास, भूमि प्रबंधन, और राजस्व मामलों से जुड़े विभिन्न विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। जनसुनवाई में विशेष रूप से फसल बीमा योजनाओं के लाभ, गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान या किश्तें स्वीकृत कराने, भूमि एवं अतिक्रमण से जुड़े विवादों, तथा आवासीय पट्टा प्राप्त करने के लिए नागरिकों ने गुहार लगाई। इसके अलावा राजस्व अभिलेखों में सुधार, नामांतरण, भूमि बंटवारा, पशुपालन ऋण प्राप्त करने, रोजगार के अवसर सृजित करने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने के संबंध में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके पर ही विचार-विमर्श किया गया।
नागरिकों द्वारा प्रस्तुत की गई प्रमुख समस्याएं और शिकायतें
जनसुनवाई में उपस्थित हुए आवेदकों ने अपनी अलग-अलग व्यक्तिगत और सामाजिक परेशानियों को विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा। कई नागरिकों द्वारा आवास एवं पट्टा दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई ताकि गरीब परिवारों को पक्की छत और सुरक्षित जीवन मिल सके। इसके साथ ही, गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों ने चिकित्सा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। भूमि विवाद के पुराने मामलों के त्वरित निराकरण, राजस्व संबंधी जटिल समस्याओं के समाधान, शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, रास्तों के विवाद को सुलझाने और आवागमन के लिए बंद पड़े रास्ते को खुलवाने जैसे महत्वपूर्ण मामले भी सामने आए। कुछ क्षेत्रों से विद्युत पोल हटाने, ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने, बैंक ऋण संबंधी राहत तथा स्वरोजगार के लिए वाहन उपलब्ध कराने जैसी नवीन मांगें भी प्रस्तुत की गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के कड़े निर्देश और प्रशासनिक प्राथमिकता
जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार पूरी सूक्ष्मता से परीक्षण किया जाए। उन्होंने बल देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का निराकरण उच्च प्राथमिकता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही होना चाहिए ताकि आम जनता को न्याय के लिए इंतजार न करना पड़े। कलेक्टर श्री चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन प्रकरणों का समाधान सीधे जिला स्तर पर संभव है, उनमें बिना किसी विलंब के त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र और जरूरतमंद हितग्राहियों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले, और किसी भी आवेदक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। प्रशासन की यह मंशा स्पष्ट करती है कि जनता की संतुष्टि ही शासन का मुख्य उद्देश्य है।
प्रशासनिक अमले की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता
इस उच्च-स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम में नीमच जिले के तमाम प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहे, जिससे मामलों के त्वरित निपटान में आसानी हुई। जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, तथा सुश्री श्रुति भायडिया सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लिया और मौके पर ही उनके निराकरण की रूपरेखा तैयार की, जिससे जनसुनवाई का यह सत्र अत्यंत सार्थक और परिणाममूलक साबित हुआ।
image source : https://neemuch.mpinfo.org
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