नीमच जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और नागरिकों को उनकी आवासीय संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के विशेष निर्देशों के अनुपालन में जिले के विभिन्न गांवों में स्वामित्व योजना के तहत पात्र ग्रामीणों को आवासीय संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री प्रदान करने का कार्य तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशासनिक अनुक्रम के अंतर्गत, जावद के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्री संजीव साहू ने नीमच जिले के सिंगोली तहसील अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का मैदानी दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य चल रहे निःशुल्क रजिस्ट्री कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लेना, प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना और मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।

विभिन्न गांवों का सघन दौरा और भौतिक सत्यापन

जावद एसडीएम श्री संजीव साहू ने सिंगोली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख गांवों का औचक एवं सघन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर घर-घर जाकर स्वामित्व योजना के तहत किए जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। एसडीएम द्वारा जिन प्रमुख गांवों का दौरा किया गया, उनमें धनगांव, तुरकिया, कछाला, पिपलीखेड़ा, ताल, पाटन, मनोहरपुरा, खेड़ा भंगोटा और उमर शामिल हैं।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान के दौरान एसडीएम श्री साहू के साथ तहसीलदार श्री ऋषभ कुमार ठाकुर, राजस्व निरीक्षक (आरआई) तथा वरिष्ठ पटवारी श्री बालकिशन धाकड़ सहित अन्य प्रमुख प्रशासनिक एवं राजस्व अमला पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर न केवल दस्तावेजों की जांच की, बल्कि ग्रामीण स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का भी बारीकी से अध्ययन किया।

कछाला गांव में हितग्राही को मिले रजिस्ट्री दस्तावेज

भ्रमण के दौरान सबसे प्रेरणादायक और सुखद क्षण कछाला गांव में देखने को मिला, जहां एसडीएम श्री संजीव साहू ने व्यक्तिगत रूप से एक स्थानीय हितग्राही के निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें उनकी आवासीय संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े मूल रजिस्ट्री दस्तावेज सौंपे।

जब प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं पहुंचकर हितग्राही परिवार को उनके पक्के मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे, तो हितग्राही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दस्तावेज प्राप्त करने के पश्चात ग्रामीण परिवार ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन के प्रति अपना आभार प्रकट किया। हितग्राहियों का कहना था कि इस निःशुल्क रजिस्ट्री के मिलने से उन्हें अपनी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल गया है, जिससे भविष्य में उन्हें ऋण लेने या अन्य कानूनी कार्यों में बड़ी सहूलियत मिलेगी।

तकनीकी बाधाओं और अमले की कमी के बावजूद निरंतर प्रगति

इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री संजीव साहū ने मैदानी स्तर पर आ रही चुनौतियों को भी खुले तौर पर स्वीकार किया। उन्होंने मीडिया और प्रशासनिक समीक्षा के दौरान बताया कि सिंगोली तहसील क्षेत्र में वर्तमान में पटवारियों एवं अन्य मैदानी अमले की कुछ कमी बनी हुई है। इसके साथ ही, सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याएं और नेटवर्क की बाधाएं भी कई बार ऑनलाइन रजिस्ट्री और डेटा अपडेशन के कार्य में व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा करती हैं।

इन तमाम प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं के बावजूद, जिला प्रशासन के हौसले बुलंद हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के स्पष्ट निर्देशों के तहत उपलब्ध सीमित संसाधनों का इष्टतम उपयोग करते हुए कार्य को निरंतर गति दी जा रही है। राजस्व विभाग की पूरी टीम यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि योजना का लाभ हर एक पात्र ग्रामीण तक सुगमता से पहुंचे और किसी भी हितग्राही को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

दशहरा आयोजन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा

सिंगोली क्षेत्र के अपने इस व्यापक प्रवास के दौरान एसडीएम श्री संजीव साहू ने केवल राजस्व कार्यों तक ही अपनी सीमाएं नहीं रखीं, बल्कि आगामी पर्वतीय आयोजनों की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय रावण दहन स्थल का विशेष निरीक्षण किया और वहां आगामी दशहरा मेले के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।

एसडीएम ने इस दौरान उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पर्व के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आयोजन स्थल पर आने वाले नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों, ताकि पूरा पर्व सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो सके।

प्रशासनिक प्रतिबद्धता और भावी दिशा

नीमच जिले में स्वामित्व योजना का यह सफल क्रियान्वयन ग्रामीण सशक्तिकरण की एक मजबूत मिसाल पेश कर रहा है। प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्तियों का वैध और पुख्ता कानूनी प्रमाण प्राप्त हो सकेगा। एसडीएम श्री संजीव साहू के इस मैदानी निरीक्षण से न केवल राजस्व अमले की कार्यप्रणाली में कसावट आई है, बल्कि आम जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ हुआ है। जिला प्रशासन की यह निरंतर कोशिश है कि आगामी दिनों में सभी शेष बचे हुए मामलों का त्वरित निस्तारण कर शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को स्वामित्व के अधिकार सौंप दिए जाएं।

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