नेपानगर में भगत सिंह की 119वीं जयंती मनाई गई

 

स्कूली बच्चों एवं महाकाल मित्र नवयुवक मंडल के सदस्यों ने शहीद-ए-आजम को पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

 

नेपानगर। शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को वीआईपी गेस्ट हाउस, नेपानगर में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों एवं महाकाल मित्र नवयुवक मंडल के साथियों ने भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

 

कार्यक्रम में पुनीत पाटिल ने भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। भगत सिंह ने युवावस्था में ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे एक क्रांतिकारी विचारक, लेखक और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल रहे। 8 अप्रैल 1929 को उन्होंने बटुकेश्वर दत्त के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने की घटना के बाद गिरफ्तारी दी और अपने विचारों को देशभर तक पहुंचाया। 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ उन्हें फांसी दी गई।

 

इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश पटेल ने कहा कि आज के युवाओं को शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके साहस, देशप्रेम, अध्ययनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को अपने जीवन में अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। युवाओं को अपने देश और समाज के प्रति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

 

राजेश पटेल ने कहा कि नेपानगर में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के संबंध में नगर पालिका परिषद नेपानगर से प्रस्ताव लिया जा चुका है, लेकिन आज दिनांक तक प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। उन्होंने नगर पालिका परिषद एवं संबंधित जिम्मेदारों से पुनः मांग की कि शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जाए तथा इस विषय में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिम्मेदारों का ध्यान पुनः आकर्षित कराया जाएगा।

 

कार्यक्रम में विजय बार्वे, प्रकाश नकुल, हेमंत पाटिल,दीपक बार्वे, मोहित गाड़े, तनिषा राठौर, भावेश पाटिल, रितेश चौहान, काव्यांश राठौर, आरोही पटेल, विशाल पटेल, अवनी पटेल, ध्यानी नकुल, दिया नकुल, चिरंजीव पटेल, सोनम पटेल, शिवाय पटेल एवं रिया भंवरे सहित अन्य उपस्थित रहे।