मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में राष्ट्रीय महत्व की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा इसके साथ ही रूंझ एवं मझगांय सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजनाओं के सुचारू संचालन और प्रभावित परिवारों को समय पर राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में शुक्रवार की सांयकाल एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता संभाग के कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने की। बैठक में पन्ना जिले की कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमराव सिंह मरावी, पन्ना, गुनौर एवं अजयगढ़ के एसडीएम, संबंधित तहसीलों के तहसीलदार तथा जल संसाधन विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा परियोजनाओं के तहत भूमि अर्जन की प्रक्रिया की समीक्षा करना और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली मुआवजा राशि के वितरण में तेजी लाना था।
10 अक्टूबर तक मुआवजा राशि वितरण की समयसीमा तय बैठक के दौरान कमिश्नर दिलीप कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा रूंझ एवं मझगांय सिंचाई परियोजनाओं के कारण जितने भी परिवार प्रभावित हुए हैं, उन सभी को आगामी 10 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से मुआवजा राशि का वितरण कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा परियोजना के संबंध में भूमि अर्जन से जुड़ी सभी आवश्यक वैधानिक कार्यवाहियां पहले ही पूर्ण की जा चुकी हैं, इसलिए अब बिना किसी विलंब के निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाए।
कमिश्नर ने जल संसाधन विभाग और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय बेहतर करते हुए वांछित औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवार्ड से संबंधित सभी जानकारियों का दस्तावेजों के आधार पर मिलान किया जाए और शेष बची हुई प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुआवजा राशि का वितरण कराने तथा जिन कुछ गिने-चुने हितग्राहियों को अभी राशि मिलना शेष है, उनके दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को भी तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मौका स्थल पर शिविर और डोर-टू-डोर संपर्क के निर्देश मुआवजा वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए कमिश्नर ने मैदानी स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित गांवों में विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ बैंकर्स और नोटरी की टीम भी मौके पर मौजूद रहे, ताकि हितग्राहियों को राशि भुगतान के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और स्पॉट पर ही त्वरित कार्रवाई पूरी की जा सके।
इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त मुआवजा राशि के संबंध में शपथ पत्र के साथ हितग्राहियों की सहमति प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कमिश्नर ने कहा कि गांवों में विशेष दल गठित किए जाएं और शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रशासनिक टीमें डोर-टू-डोर (घर-घर) संपर्क कर प्रभावित परिवारों को आवश्यक जानकारियां प्रदान करें। राजस्व और जल संसाधन विभाग का अमला आपसी तालमेल से काम करे और यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि मुआवजा राशि का भुगतान अब केवल और केवल संयुक्त बैंक खाते के आधार पर ही किया जाए। बालूपुर और कुंवरपुर गांव सहित अन्य सभी प्रभावित गांवों में भी मुआवजा राशि का वितरण अत्यंत व्यवस्थित रूप से संपन्न हो। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि रूंझ परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में केवल अतिरिक्त राशि का वितरण किया जाना ही शेष रह गया है।
विस्थापित परिवारों के रोजगार और पुनर्वास पर विशेष जोर केवल मुआवजा राशि के वितरण तक ही सीमित न रहते हुए, कमिश्नर दिलीप कुमार ने विस्थापित परिवारों के उज्ज्वल भविष्य और आजीविका पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि विस्थापित परिवार के सदस्यों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के मुताबिक रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के माध्यम से भी इन परिवारों को लाभांवित किया जाए।
पूरी संवेदनशीलता के साथ हर स्तर पर जनता की समस्याओं के निराकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी कार्य की पूर्णता तक लगातार फील्ड का भ्रमण करते रहें। मैदानी क्षेत्रों में जाकर समस्याओं का संज्ञान लें और त्वरित कार्रवाई करें। पात्र व्यक्तियों को पूरक अवार्ड की राशि का वितरण करने के निर्देश भी दिए गए। कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिए कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत 1 जनवरी 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर जिन युवाओं ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, उन्हें भी नियमानुसार राशि वितरण के लिए आवश्यक कार्यवाही समय पर पूरी की जाए।
सेवा संकल्प अभियान और विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के अंतिम चरण में वर्तमान समय में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। संभाग आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ इस अभियान को सफल बनाएं। अभियान के तहत सेवा गतिविधियों के साथ-साथ नशा मुक्ति, स्वच्छता और व्यापक स्तर पर पौधरोपण जैसे सामाजिक सरोकार के कार्यों में सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, 'स्वामित्व योजना' के अंतर्गत शत-प्रतिशत ई-केवायसी (e-KYC) का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। कमिश्नर ने 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के तहत 100 दिवस से अधिक की समयावधि से लंबित पड़ी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर विशेष जोर दिया, ताकि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके और उनकी शिकायतों का स्थायी समाधान हो सके।
image source : https://panna.mpinfo.org
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