पन्ना जिले में सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले किसानों और भूमिस्वामियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। पन्ना जिले की कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार ने केन बेतवा लिंक परियोजना के साथ-साथ रूंझ एवं मझगांय सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आने वाले प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत दी है। पूर्व में भू अर्जन खातों के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान किन्हीं तकनीकी या अन्य कारणों से असफल हो गए थे, जिसके चलते पात्र हितग्राहियों तक मुआवजा राशि नहीं पहुंच पाई थी। इस समस्या का संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू अर्जन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए विस्तृत प्रस्ताव के आधार पर कलेक्टर ने प्रभावित खातेदारों को मुआवजा राशि के पुनर्भुगतान की विधिवत स्वीकृति प्रदान कर दी है।

एक करोड़ 45 लाख रुपए से अधिक की कुल राशि का होगा भुगतान

जिला प्रशासन पन्ना द्वारा स्वीकृत की गई इस पुनर्भुगतान राशि का दायरा काफी व्यापक है, जिससे कई ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार द्वारा दी गई आधिकारिक स्वीकृति के अनुसार, विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित कुल 20 खातेदारों और उनके वैध वारिसों को कुल 1,45,91,724 रुपये (एक करोड़ पैंतालीस लाख इक्यानवे हजार सात सौ चौबीस रुपए) की बड़ी राशि का पुनर्भुगतान किया जाएगा। इस वित्तीय स्वीकृति के मिलने से अब उन सभी किसानों और भूमिस्वामियों का इंतजार खत्म हो गया है जिनके बैंक खाते या अन्य तकनीकी अड़चनों की वजह से पूर्व में मुआवजा मिलने में बाधा उत्पन्न हुई थी। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर राशि सीधे पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाए।

लाभान्वित होने वाले प्रमुख खातेदारों की सूची

इस पुनर्भुगतान प्रक्रिया के अंतर्गत पन्ना जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कई किसानों और स्थानीय नागरिकों को शामिल किया गया है, जिन्हें उनकी अधिग्रहित भूमि के एवज में उचित मुआवजा मिल सकेगा। कलेक्टर द्वारा अनुमोदित सूची के अनुसार, लाभान्वित होने वाले प्रमुख खातेदारों में पना बाई, शिवप्रताप सिंह बागरी, ब्रजलाल, हेतराम आदिवासी, मलखान, छब्बू आदिवासी, नीरज कुमार पाण्डेय, भरत गौड़, बब्लू राजा, लखन लाल, अच्छेलाल गौड़, जहान, आरती आदिवासी, बहादुर आदिवासी, सुनीता बाई आदिवासी, सुंदर लाल, राजू, श्यामलाल आदिवासी और रामू आदिवासी शामिल हैं। इन सभी व्यक्तियों के भू अर्जन खातों से जुड़े भुगतानों के असफल होने के मामलों की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद यह पुनर्भुगतान स्वीकृत किया गया है, ताकि किसी भी किसान को उनके हक की राशि से वंचित न रहना पड़े।

मृत खातेदार के वैध वारिसों को भी मिलेगा मुआवजा

इस विशेष पुनर्भुगतान प्रकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृत भूमिस्वामियों के कानूनी वारिसों को भी पूरी पारदर्शिता के साथ शामिल किया गया है। भू अर्जन प्रक्रिया के दौरान खातेदार सरोज खैरहा का निधन हो गया था, जिसके कारण उनकी मुआवजा राशि का भुगतान लंबित था। इस स्थिति का समाधान करते हुए प्रशासन ने मृत खातेदार सरोज खैरहा के वैध वारिसों के पक्ष में पुनर्भुगतान स्वीकृत किया है। उनके कानूनी उत्तराधिकारियों में राजेन्द्र कुमार खैरहा, चन्दन खैरहा, प्रिंस कुमार खैरहा और शुभम खैरहा शामिल हैं। वारिसान के दस्तावेजों के सत्यापन के पश्चात इस परिवार को भी नियमानुसार देय मुआवजा राशि का पुनर्भुगतान किया जाएगा, जिससे परिवार को बड़ी आर्थिक संबलता मिलेगी।

सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक पारदर्शिता

पन्ना जिले में क्रियान्वित की जा रही केन बेतवा, रूंझ और मझगांय जैसी महत्वकांक्षी सिंचाई परियोजनाएं क्षेत्र के कृषि विकास और जल संकट के समाधान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही हैं। इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रभावित होने वाले प्रत्येक नागरिक को समय पर पूरा मुआवजा मिले। भुगतान असफल होने के मामलों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पुनर्भुगतान की यह स्वीकृति देना जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार के इन निर्देशों से न केवल प्रभावित किसानों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है, बल्कि विकासात्मक कार्यों में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं का भी समय पर समाधान हो रहा है।

image source : https://panna.mpinfo.org