परिचय और बैठक की पृष्ठभूमि
पन्ना जिले में राष्ट्रीय महत्व की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना के साथ-साथ रूंझ एवं मझगांय सिंचाई परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में शुक्रवार की शाम को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कमिश्नर दिलीप कुमार ने की, जिसमें प्रशासनिक कसावट लाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मुआवजा वितरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी प्रभावित परिवारों को तय समय-सीमा के भीतर उनका वैध मुआवजा और अन्य लाभ मिल सकें, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी का सामना न करना पड़े।
कमिश्नर दिलीप कुमार द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर दिलीप कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले सभी परिवारों को आगामी 10 अक्टूबर तक मुआवजा राशि का वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के अंतर्गत भूमि अर्जन से जुड़ी सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाहियां पहले ही पूर्ण की जा चुकी हैं, इसलिए अब बिना किसी विलंब के समय-सीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।
कमिश्नर द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत आते हैं:
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तय समय-सीमा: आगामी 10 अक्टूबर तक सभी पात्र परिवारों को मुआवजा राशि का शत-प्रतिशत वितरण पूरा किया जाए।
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दस्तावेजीकरण और अवार्ड: अवार्ड से संबंधित सभी जानकारियों को जुटाकर दस्तावेजों के आधार पर शेष प्रक्रिया समयावधि में पूर्ण की जाए।
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जनप्रतिनिधियों की सहभागिता: राशि का वितरण सुगम और पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राशि का वितरण कराया जाए।
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शेष हितग्राहियों की सूची: कुछ संख्या में शेष रहे हितग्राहियों की राशि वितरण के संबंध में आवश्यक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए।
मौके पर भुगतान और शिविरों का आयोजन
मुआवजा वितरण प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा सुलभ बनाने के लिए कमिश्नर ने मैदानी स्तर पर विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित गांवों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के साथ-साथ बैंकर्स और नोटरी की भी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि मौका स्थल पर ही अविलंब राशि भुगतान के लिए त्वरित कार्यवाही पूरी की जा सके।
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शिविरों का संचालन: विशेष दल गठित करके और गांवों में शिविरों का आयोजन करके लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए।
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डोर-टू-डोर संपर्क: प्रशासनिक टीमों द्वारा घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए ताकि कोई भी पात्र परिवार जानकारी के अभाव में न छूटे।
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शपथ पत्र और सहमति: अतिरिक्त मुआवजा राशि के लिए शपथ पत्र के साथ विधिवत सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
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व्यापक प्रचार-प्रसार: नियमित रूप से संचालित होने वाली इस प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
संयुक्त बैंक खाता और विशेष गांवों पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक में यह कड़ाई से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि अब से शेष राशि का भुगतान केवल संयुक्त बैंक खाते के आधार पर ही किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। पन्ना जिले के बालूपुर एवं कुंवरपुर गांव सहित क्रमशः अन्य प्रभावित गांवों में भी मुआवजा राशि का वितरण अत्यंत व्यवस्थित रूप से करने को कहा गया। बैठक के दौरान यह जानकारी भी साझा की गई कि रूंझ सिंचाई परियोजना के मामले में अब केवल अतिरिक्त राशि का वितरण ही शेष बचा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
विस्थापित परिवारों के रोजगार और पुनर्वास पर फोकस
केवल आर्थिक मुआवजा देने तक ही प्रशासनिक दायित्व सीमित नहीं है, बल्कि विस्थापित परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना भी सरकार की प्राथमिकता है। कमिश्नर ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि विस्थापित परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को उनकी पात्रता और योग्यता के मुताबिक रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएं।
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कल्याणकारी योजनाएं: विभिन्न हितग्राहीमूलक विभागीय योजनाओं के माध्यम से भी इन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए।
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संवेदनशील दृष्टिकोण: पूरी संवेदनशीलता के साथ हर स्तर पर प्रभावित लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया जाए।
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फील्ड भ्रमण: संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्य की पूर्णता तक निरंतर रूप से फील्ड का भ्रमण किया जाए ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके और समय रहते समस्याओं का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही की जा सके।
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पूरक अवार्ड: पात्र व्यक्तियों को पूरक अवार्ड की राशि का वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाए।
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आयु सीमा का निर्धारण: केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत 1 जनवरी 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी व्यक्तियों को राशि वितरण के लिए जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए।
सेवा संकल्प अभियान और अन्य शासकीय योजनाएं
बैठक के अंतिम चरण में पन्ना जिले में वर्तमान समय में संचालित हो रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के सफल क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें।
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सेवा गतिविधियां: इस अभियान के अंतर्गत सेवा कार्यों के साथ-साथ नशा मुक्ति, स्वच्छता और पौधरोपण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक अभियानों में जनता की सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
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स्वामित्व योजना: स्वामित्व योजना के तहत पन्ना जिले में शत-प्रतिशत ई-केवायसी (E-KYC) के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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सीएम हेल्पलाइन: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत 100 दिवस से अधिक की लंबी समयावधि वाली सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थिति
पन्ना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान पन्ना कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) उमराव सिंह मरावी, पन्ना, गुनौर एवं अजयगढ़ के एसडीएम, तहसीलदार, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों को पूरी गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का संकल्प लिया।
image source : https://panna.mpinfo.org
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