आमला। आमला निवासी व्यापारी इब्राहिम पिता शब्बीर हुसैन ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को शिकायत भेजकर आमला आरपीएफ के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में आरपीएफ कर्मचारी मदन मीना और विकास के विरुद्ध टिकट दलाली का झूठा प्रकरण बनाने, 10 हजार रुपये की मांग करने तथा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को इब्राहिम अपने रिश्तेदारों युसुफ और हुसैन के लिए आमला रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से 16 नवंबर 2026 की यात्रा के लिए टिकट बनवाने गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि टिकट लेने के बाद आरपीएफ कर्मचारी विकास ने उसे रोक लिया और अपने साथी बदन मीना को बुलाकर आरपीएफ थाने ले गया। इब्राहिम का दावा है कि उसने अधिकारियों को बताया कि टिकट उसके रिश्तेदारों के लिए है और वह टिकट की दलाली का काम नहीं करता, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
*10 हजार रुपये मांगने का लगाया आरोप*
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसका टिकट और मोबाइल जब्त कर लिया गया तथा उससे कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की गई। राशि नहीं देने पर उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 292/2026, धारा 143 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस प्रकरण को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
*मोबाइल का डाटा देखने और सात घंटे रोकने का आरोप*
इब्राहिम ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसका मोबाइल फोन, जिसमें उसका व्यक्तिगत डाटा मौजूद था, जब्त कर लिया गया और उसके मोबाइल की जानकारी चेक की गई। शिकायत के मुताबिक उसे करीब सात घंटे तक आरपीएफ थाने में रोके रखा गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जबरन बयान पर हस्ताक्षर करवाए गए तथा उसकी फोटो और फिंगरप्रिंट लिए गए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसके मोबाइल में गूगल-पे के माध्यम से लाखों रुपये के व्यापारिक लेनदेन थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरपीएफ कर्मचारियों ने 4500 रुपये के एक लेनदेन को टिकट के लिए लिया गया पैसा बताते हुए उसके विरुद्ध टिकट दलाली का आरोप लगाया, जबकि उसके अनुसार यह राशि व्यापारिक लेनदेन से संबंधित थी।
*रेलमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग*
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे कार्रवाई और पुलिस रिकॉर्ड खराब करने की धमकी भी दी गई। उसने रेलमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, जब्त किया गया मोबाइल और टिकट वापस दिलाने तथा उसके विरुद्ध दर्ज प्रकरण की वैधानिक जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरपीएफ का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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