केसली (सागर) - मध्य प्रदेश के सागर जिले की जनपद पंचायत केसली में ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों ने 'स्वामित्व योजना' के क्रियान्वयन से खुद को अलग रखने की मांग की है। इस संबंध में विकासखंड केसली के समस्त सचिवों और रोजगार सहायकों ने एकजुट होकर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सागर के नाम जनपद पंचायत CEO केसली को एक ज्ञापन सौंपा है।

​ज्ञापन में उठाई गई मुख्य मांगें और समस्याएं

​ज्ञापन के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रेखांकित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में पहले से ही शासकीय योजनाओं और पंचायती राज से जुड़े दर्जनों कार्य लंबित हैं। ऐसे में अन्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार और कार्यभार संभालना व्यावहारिक नहीं है।

​1. पंचायतों पर पहले से है अत्यधिक कार्यभार

​सचिवों और रोजगार सहायकों ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, पेंशन योजनाएं, समग्र आईडी तथा अन्य कई विभागीय एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के संचालन का पूरा जिम्मा उन्हीं पर रहता है। अत्यधिक कार्यभार होने के कारण वे किसी अन्य विभाग का जटिल कार्य करने में असमर्थ हैं।

​2. 'स्वामित्व योजना' मुख्य रूप से राजस्व एवं पटवारी का कार्य

​कर्मचारियों का कहना है कि स्वामित्व योजना भूमि, सीमांकन और आबादी भूमि के सर्वे से जुड़ी हुई है। यह कार्य मुख्य रूप से पटवारी, राजस्व निरीक्षक (RI) और राजस्व विभाग का है। तकनीकी और कानूनी रूप से इस कार्य को राजस्व अमला ही सही ढंग से निष्पादित कर सकता है।

​3. योजनागत गलतियों और सुधार की जटिलता

​ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि स्वामित्व योजना के दौरान तैयार किए जा रहे डेटा और सर्वे में कई प्रकार की विसंगतियां व त्रुटियां सामने आ रही हैं। इन गलतियों का सुधार केवल पटवारी और राजस्व विभाग ही कर सकता है। पंचायत स्टाफ के पास राजस्व संबंधी तकनीकी ज्ञान न होने से भविष्य में ग्रामीणों के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है।

​जन-सहयोग के लिए तैयार, पर तकनीकी कार्य से मुक्ति की मांग

​कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा कि वे केवल ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले के बीच तालमेल बैठाने एवं जन-सहयोग देने के लिए तत्पर हैं। लेकिन नक्शा तैयार करने, सीमांकन, या स्वामित्व संबंधी तकनीकी और विभागीय कार्य उनसे न कराया जाए।

​जनपद CEO से की गई यह अपील

​जिला पंचायत CEO सागर को निर्देशित कर सचिवों व रोजगार सहायकों को स्वामित्व योजना के मुख्य दायित्वों से मुक्त रखा जाए।
​स्वामित्व योजना का मुख्य प्रभार पूरी तरह से पटवारी एवं राजस्व अमले को सौंपा जाए।

​समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक रहे मौजूद

​इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान केसली विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के समस्त सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांग दोहराई और शासन-प्रशासन से इस दिशा में जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने की अपील की।