मध्य प्रदेश के सतना जिले से प्रशासनिक कामकाज और जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बैठक की खबर सामने आ रही है। सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में समय-सीमा प्रकरणों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों और विशेष तौर पर सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना रहा है। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिला प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि वे सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज शिकायतों के त्वरित समाधान पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करें, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर विशेष फोकस और प्रशासनिक सख्ती

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि जिले के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी सीएम हेल्पलाइन के तहत 50 दिवस से अधिक समय से लंबित पड़ी शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें। प्रशासनिक व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है कि किसी भी विभाग में कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से 100 दिवस तक लंबित न रहे। इसके साथ ही कलेक्टर ने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी पटल या अधिकारी की लापरवाही के कारण कोई भी शिकायत 'नाट-अटेण्ड' (Not Attended) स्थिति में बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए।

सोमवार को आयोजित इस समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के 100 दिवस से ऊपर के लंबित प्रकरणों की विभागवार अत्यंत सूक्ष्मता के साथ समीक्षा की गई। बैठक में प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मामले की गंभीरता को और अधिक बढ़ा दिया। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे:

  • आयुक्त नगर निगम: डॉ. नागार्जुन बी गौडा

  • सीईओ जिला पंचायत: सपना त्रिपाठी

  • अपर कलेक्टर: विकास सिंह

  • एसडीएम: राहुल सिलाडिया

  • डिप्टी कलेक्टर: जितेंद्र वर्मा

  • डिप्टी कलेक्टर: संदीप परस्ते

  • अन्य समस्त जिला विभाग प्रमुख अधिकारी

सड़क बुनियादी ढांचा, मरम्मत और राष्ट्रीय राजमार्ग समन्वय की समीक्षा

समय-सीमा प्रकरणों की इस व्यापक बैठक में केवल सीएम हेल्पलाइन तक ही सीमित न रहते हुए, सतना जिले के बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways), लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे के बीच आपसी समन्वय के विभिन्न मुद्दों की गहन समीक्षा की।

सड़क सुधार कार्यों में हो रही सुस्ती और लापरवाही पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एनएचपीडब्ल्यूडी (NHPWD) द्वारा रीवा-सतना सड़क मार्ग पर 'रोड रेस्टोरेशन' और मरम्मत का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है। इस गंभीर विलंब को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग के प्रमुख को तत्काल औपचारिक पत्र जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, सतना-चित्रकूट मार्ग पर कोठी बाईपास के समीप सड़क मरम्मतीकरण का कार्य अब तक शुरू न किए जाने पर भी कलेक्टर ने कड़ी असंतोष और नाराजगी जाहिर की।

आगामी त्योहारों के मद्देनजर कड़े निर्देश और प्रशासनिक चौकसी

आगामी त्यौहारों के सीजन और मौसम की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को अत्यंत स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दीपावली मेला के प्रारंभ होने से पूर्व सतना जिले की संपूर्ण संबंधित सड़कें पूरी तरह से दुरुस्त और गड्ढा मुक्त हो जानी चाहिए। इस कार्य में तेजी लाने के लिए उन्होंने निम्नलिखित विशेष निर्देश प्रदान किए:

  • विशिष्ट टीमें गठन: कोठी बाईपास, मझगवां बायपास और घाट क्षेत्र (घाटी एरिया) में सड़क सुधार एवं दुरुस्तीकरण कार्य के लिए कुल तीन अलग-अलग टीमों को तैनात किया जाए।

  • दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और पटाखा बाजार व्यवस्था: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों तथा आतिशबाजी व पटाखा दुकानों के संचालन के संबंध में कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से आवश्यक और प्रभावी कार्यवाहियां शुरू करने के निर्देश दिए।

  • नारायण तालाब क्षेत्र का उपयोग: नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नारायण तालाब के पास ही आतिशबाजी और पटाखों की दुकानें लगाई जाएंगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्थल का त्वरित निरीक्षण करें और सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां समय से पूर्व सुनिश्चित करें।

  • रावण दहन स्थल की सुरक्षा: कलेक्ट्रेट कार्यालय के पिछले हिस्से में तथा नारायण तालाब के पास विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम के लिए सुरक्षात्मक और अन्य सभी जरूरी तैयारियां अभी से युद्धस्तर पर प्रारंभ की जाएं।

ग्रेडिंग सुधार, संतुष्टिपूर्ण निराकरण और क्लोजर प्रस्ताव

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अधिकारियों को याद दिलाया कि प्रशासनिक ग्रेडिंग में सुधार लाने के लिए अभी उनके पास मात्र 8 दिनों का शेष समय उपलब्ध है। इस समयावधि का सदुपयोग करते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा:

  • अधिकतम संतुष्टि: आधिकाधिक शिकायतों का पूरी तरह से संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए, जिससे नागरिकों का शासन प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

  • सकारण क्लोजर: जो शिकायतें तकनीकी या अन्य कारणों से विधिवत रूप से संतुष्टिपूर्ण तरीके से बंद नहीं की जा सकती हैं, उनके लिए स्पष्ट और वैध सकारण टिप्पणी (Valid Remarks) के साथ क्लोजर के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।

  • भुगतान संबंधी शिकायतों का सत्यापन: वित्तीय भुगतान से जुड़ी शिकायतों के क्लोजर प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय यह अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाना चाहिए कि संबंधित आवेदक को वास्तव में उसका भुगतान प्राप्त हो चुका है या नहीं, और इसकी आधिकारिक पुष्टि दर्ज की जानी चाहिए।

लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और नोटिस जारी

समीक्षा बैठक के दौरान जिन विभागों या केंद्रों में कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई, वहां कलेक्टर ने सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग के बररहना वितरण केंद्र के अंतर्गत अत्यधिक संख्या में शिकायतें लंबे समय से लंबित पाई गईं। इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, सहकारिता विभाग के अंतर्गत शिकायतों का निराकरण उचित और मानक स्तर का न पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी नोटिस जारी किए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

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