सतना: सोमवार, 21 सितंबर 2026 को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विकास कार्यों, प्रशासनिक बैठकों और आगामी त्योहारों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के प्रशासनिक अमले ने हिस्सा लिया, जिसमें मुख्य रूप से आयुक्त नगर निगम डॉ. नागार्जुन बी. गौडा, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते, जीतेन्द्र वर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस आगामी गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की प्रगति, स्वास्थ्य संबंधी एहतियाती कदम, खाद एवं धान खरीदी की तैयारियां, स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति, अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरण और खनिज विभाग की टास्क फोर्स की कार्यवाहियों पर रहा।
गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर प्रकाश और सुरक्षा की चौक-चौबंद व्यवस्थाएं
आगामी गणेशोत्सव के समापन और प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित किए गए सभी विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, प्रकाश (लाइटिंग) और साफ-सफाई की चौक-चौबंद व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जाएं। कलेक्टर ने सभी संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विसर्जन स्थलों का स्वयं दौरा करें और सभी सुरक्षात्मक उपायों को जमीनी स्तर पर पूरा करवाएं। लोक निर्माण विभाग (PWD) को आवश्यकतानुसार इन स्थलों पर बैरिकेटिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से भी यह विशेष अपील की जा रही है कि वे प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों का ही उपयोग करें तथा किसी भी अन्य अनधिकृत जल स्रोत या स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन करने से बचें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति सर्वे और राहत राशि का वितरण
कलेक्टर ने हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित हुए क्षेत्रों में किसानों की फसलों को पहुँची क्षति के सर्वे कार्य को अत्यंत शीघ्रता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नुकसानी के एवज में स्वीकृत की गई राहत राशि तथा पात्र हितग्राहियों को 50 किलोग्राम खाद्यान्न का वितरण आगामी टीएल (समय-सीमा) बैठक तक अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय निकायों को मानसून उपरांत विशेष निर्देश
मानसून के उपरांत उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों को युद्धस्तर पर कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जिले में दूषित जल जन्य और मच्छर जनित बीमारियां बिल्कुल न फैलें। इसके लिए रहवासी क्षेत्रों के साथ-साथ विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता प्रयास किए जाने चाहिए। आम जनता के बीच सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं तथा लोगों से अपील की जाए। इसके साथ ही, स्थानीय निकायों और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर मच्छरों के नियंत्रण के लिए नियमित रूप से फॉगिंग कराने तथा टेमोफास एवं लार्बीसाइट जैसी दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आगामी कार्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
बैठक में आगामी आयोजनों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने जानकारी दी कि आगामी शुक्रवार को रामपुर बघेलान विकासखण्ड में 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, जिले में वर्तमान में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
उर्वरक वितरण और धान खरीदी की व्यापक तैयारियां
जिले में उर्वरक वितरण की स्थिति की समीक्षा करने के साथ-साथ कलेक्टर ने आगामी धान खरीदी की तैयारियों और किसानों के पंजीयन के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली। प्रबंधक नान (NAN) ने बैठक में अवगत कराया कि गत वर्ष जिले में कुल 4.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष लगभग 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होने का अनुमान लगाया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने उपार्जित धान के सुरक्षित भण्डारण के लिए उपलब्ध क्षमता की जानकारी ली और ओपेन कैंप के माध्यम से भण्डारण क्षमता को और अधिक बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति
जिले में स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए एलडीएम (LDM) गौतम शर्मा ने बैठक में बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 20 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी प्रकार, स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न विभागों की सभी योजनाओं में भी प्रगति काफी बेहतर स्थिति में पाई गई। अधिकारियों द्वारा यह विश्वास दिलाया गया कि आगामी दिसंबर माह तक सभी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति कर ली जाएगी।
अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्वीकृत 569 प्रकरण
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्वीकृत राहत राशि के प्रकरणों की भी एक विशेष समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में बताया गया कि जिले कुल 569 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 424 प्रकरणों के हितग्राहियों को राहत राशि का सफल भुगतान किया जा चुका है। शेष बचे हुए 155 स्वीकृत प्रकरणों के संबंध में यह जानकारी दी गई कि जैसे ही शासन स्तर से राशि प्राप्त होगी, वैसे ही संबंधितों को तुरंत भुगतान कर दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह तथा अनुसूचित जाति, जनजाति थाना के प्रभारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
खनिज विभाग की टास्क फोर्स समिति की सख्त कार्रवाई
सोमवार को ही आयोजित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने खनिजों के अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन और अवैध भंडारण के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी जांच दल फील्ड में निरीक्षण के लिए जाए, तो वह संयुक्त रूप से भ्रमण कर संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दे। इस दल के साथ आबकारी विभाग और खनिज विभाग के अधिकारी भी अनिवार्य रूप से मौजूद रहने चाहिए। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि अवैध खनिज परिवहन और अवैध उत्खनन के कुल 50 मामलों में कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुर्माने के तौर पर सफलतापूर्वक वसूल कर जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त, सोहावल मोड के पास अवैध रूप से खड़े बालू (रेत) से भरे ट्रकों के संबंध में खनिज विभाग और ट्रैफिक पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल और खनिज अधिकारी घनश्याम सिंह यादव भी उपस्थित रहे।
आगामी 6 अक्टूबर को मनाया जाएगा डिवार्मिंग दिवस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने बैठक में आगामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 6 अक्टूबर से बच्चों और नागरिकों के स्वास्थ्य हित में कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजोल (Albendazole) टेबलेट खिलाने का व्यापक अभियान शुरू किया जाएगा। इस डिवार्मिंग डे (Deworming Day) से शुरू होने वाले इस विशेष अभियान के तहत 9 अक्टूबर को माप अप राउंड (Mop-up Round) चलाया जाएगा, ताकि छूटे हुए बच्चों को भी दवा कवर की जा सके।
सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक और जीरो फैटेलिटी प्रोग्राम
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 'जीरो फैटेलिटी प्रोग्राम' (Zero Fatality Program) के तहत जिले की सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जिले की सड़कों पर चिन्हित किए गए कुल 150 स्थानों (पॉइंट्स) पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार तथा सड़क निर्माण विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से सर्वे करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
image source : https://satna.mpinfo.org
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