सतना जिले के नागरिकों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सतना जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान जिले के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आम नागरिक अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में कुल 145 आवेदकों ने उत्साहपूर्वक और अपनी उम्मीदों के साथ भाग लिया, जिन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही संज्ञान लेना और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समय-बद्ध समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सुनी नागरिकों की समस्याएं
आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता सतना जिले के कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने की। उन्होंने अत्यंत ही धैर्य और संवेदनशीलता के साथ जनसुनवाई में पहुंचे एक-एक आवेदक की बात को गहराई से सुना। कलेक्टर ने न केवल मौखिक रूप से समस्याएं सुनीं, बल्कि लाए गए लिखित आवेदनों का बारीकी से अध्ययन भी किया। प्रत्येक आवेदन को पूरी गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि जनसुनवाई में आने वाले प्रकरणों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदक को उसकी समस्या का संतोषजनक समाधान मिल सके।
विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों और कल्याणकारी योजनाओं की शिकायतें
मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में सतना जिले के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों द्वारा कई तरह की गंभीर और आवश्यक समस्याएं प्रस्तुत की गईं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों द्वारा लाए गए प्रमुख मामलों में भूमि विवाद, जमीनों पर कब्जे, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार, कृषि के लिए सिंचाई की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें, पेयजल की उपलब्धता और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण जैसे बुनियादी मुद्दे शामिल थे। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली पेंशन, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभ, तथा अन्य विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी अनेक शिकायतें भी जनसुनवाई के पटल पर रखी गईं। इन सभी मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति और सहयोग
सतना जिले की इस जनसुनवाई को सुचारू रूप से संचालित करने और अधिक से अधिक नागरिकों को राहत पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पूरी तरह से सक्रिय नजर आए। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के साथ-साथ जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री जीतेन्द्र वर्मा, तथा डिप्टी कलेक्टर श्री संदीप परस्ते ने भी पूरी तन्मयता के साथ आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कई नागरिकों के आवेदन स्वयं लेकर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित मैदानी अमले और विभाग प्रमुखों को दूरभाष पर तथा पत्राचार के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों की इस संयुक्त उपस्थिति और तत्परता के कारण आवेदकों को अपनी बात रखने में काफी सहूलियत महसूस हुई।
प्रशासन की प्राथमिकता: आमजन को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना
जिला प्रशासन सतना का यह प्रयास रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ और जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। जनसुनवाई के माध्यम से मिलने वाले आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान से वंचित न रहे। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले हर एक आवेदन को पोर्टल पर दर्ज कर उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें। प्रशासन की इस पारदर्शी कार्यप्रणाली से सतना जिले के नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है, और लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बढ़-चढ़कर इस मंच का उपयोग कर रहे हैं।
image source : https://satna.mpinfo.org
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