खनिज बहुल क्षेत्रों में स्थानीय विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों के कल्याण के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं सांस्कृतिक जिले सतना में जिला खनिज प्रतिष्ठान की एक उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान जिले के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करने और उन्हें प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की रूपरेखा तय की गई, जिससे जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण किया जा सके।

गणमान्य अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

सतना कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के शीर्ष जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने की। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और लोकसभा सांसद श्री गणेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही बैठक में नागौद विधायक श्री नागेन्द्र सिंह, रामपुर बघेलान विधायक श्री विक्रम सिंह, चित्रकूट विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार तथा सतना महापौर श्री योगेश ताम्रकार ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई और अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्ताव रखे। प्रशासनिक दल में पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, नगर निगम कमिश्नर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह, डीएमएफ शाखा प्रभारी श्री आशीष द्विवेदी सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग और अन्य प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

डीएमएफ नियमों और वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा

बैठक के प्रारंभ में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सपना त्रिपाठी ने जिला खनिज प्रतिष्ठान के वर्ष 2016 के संशोधित नियमों और 14 मई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित अद्यतन नियमावली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सदस्यों को अवगत कराया कि किस प्रकार उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में डीएमएफ की रणनीतिक निधि का उपयोग किया जाना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में कुल 33 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। नए नियमों के प्रावधानों के अनुसार, उपलब्ध राशि से डेढ़ गुना यानी कुल 49.72 करोड़ रुपये तक के कार्य स्वीकृत किए जा सकते हैं। इस कुल राशि का विभाजन दो प्रमुख श्रेणियों में किया गया है, जिसके तहत उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए 70 प्रतिशत हिस्सा यानी 34.80 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए 30 प्रतिशत हिस्सा यानी 14.92 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध रहेगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 49.72 करोड़ के कार्य स्वीकृत

सतना जिले में खनिज मद के बेहतर उपयोग और विकास को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की गहन समीक्षा के बाद, बैठक में कुल 49 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत वाले 329 नए कार्यों को मंजूरी दिए जाने का औपचारिक अनुमोदन किया गया। इन स्वीकृत कार्यों को तयशुदा प्राथमिकताओं के आधार पर बांटा गया है:

  • उच्च प्राथमिकता (70 प्रतिशत): इस श्रेणी के अंतर्गत 129 विकास कार्यों के लिए कुल 32 करोड़ 37 लाख 88 हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है।

  • अन्य प्राथमिकता (30 प्रतिशत): इस श्रेणी के अंतर्गत 200 कार्यों के लिए 17 करोड़ 34 लाख 12 हजार रुपये की कार्ययोजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव और परिवर्तन कार्य

बैठक में केवल चालू वर्ष ही नहीं, बल्कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी दूरगामी योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आगामी वर्ष के लिए 50 करोड़ 41 लाख 65 हजार रुपये की अनुमानित लागत वाले कुल 457 कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें उच्च प्राथमिकता के 168 कार्यों के लिए 31 करोड़ 89 लाख रुपये तथा अन्य प्राथमिकता के 289 कार्यों के लिए 18 करोड़ 52 लाख रुपये के वित्तीय प्रावधान तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बैठक में पूर्व से स्वीकृत चल रहे कार्यों के संबंध में 8 करोड़ 7 लाख रुपये लागत के 59 परिवर्तन (डिफरेंस/मॉडिफिकेशन) प्रस्तावों पर भी विचार किया गया, जिन्हें अनुमोदित कर दिया गया है। इन संशोधनों और परिवर्तनों के उपरांत अब कुल 8 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से 60 कार्य धरातल पर क्रियान्वित किए जाएंगे, जिससे सतना जिले के नागरिकों को विकास का सीधा लाभ मिल सके।

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