सतना, मध्य प्रदेश: भारतीय इतिहास के पन्नों में शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम के पर्याय के रूप में अंकित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती सतना जिले में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर टाउन हॉल में रायल राजपूत संगठन द्वारा आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने उन्हें स्वाभिमान और स्वाधीनता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता न करना ही महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता थी, जो आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक अखंड स्रोत है।

राष्ट्रहित सर्वोपरि: जीवन से प्रेरणा

विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसके लिए किया गया हर त्याग अमूल्य है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी का युद्ध व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ा था। मुगल शासक अकबर जैसी विशाल सेना के सामने भी उन्होंने कभी घुटने नहीं टेके। श्री तोमर ने कहा कि एक अच्छे वंशज वही हैं जो अपनी महान विरासत को सहेज कर रखें और उसे सुरक्षित रूप से आने वाली पीढ़ियों को सौंपें।

युवाओं के लिए संदेश: योग्यता और अनुशासन

युवाओं को प्रेरित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज के दौर में महाराणा प्रताप के साहस और अनुशासन को आत्मसात करना अनिवार्य है। उन्होंने आह्वान किया कि देश के नौजवानों को ऐसी टोली तैयार करनी चाहिए जो योग्यता के हर मानक पर खरी उतरे। चाहे सेना हो, व्यापार हो या सुरक्षा—युवाओं को हर क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बनना चाहिए। उन्होंने प्रभु श्रीराम के वनवास काल का उदाहरण देते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्तित्व को मर्यादा और ऊंचाइयों तक ले जाता है।

समारोह की मुख्य विशेषताएं और गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमरपाटन के विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने बप्पा रावल की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया और देशभक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन और महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। समारोह के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:

  • शौर्य यात्रा: कार्यक्रम से पूर्व हवाई पट्टी स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया, जिसके बाद एक भव्य 'शौर्य यात्रा' निकाली गई। यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए टाउन हॉल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।

  • प्रमुख गणमान्यजन: इस आयोजन में रामपुर बघेलान विधायक श्री विक्रम सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, पूर्व महापौर पुष्कर सिंह तोमर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र सिंह, अभय सिंह रोली, धर्मेन्द्र सिंह बराज सहित रायल राजपूत संगठन के नीरज सिंह एवं संजीव सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और नगर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वीर शिरोमणि के पराक्रम को नमन करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया गया। सतना जिले में आयोजित यह जयंती समारोह न केवल एक उत्सव बना, बल्कि यह युवा पीढ़ी में राष्ट्रवाद की अलख जगाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।

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