दीपावली और देव उठनी एकादशी के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के सतना शहर में पटाखा और आतिशबाजी के लाइसेंसधारी फुटकर विक्रेताओं की दुकानें इस वर्ष नारायण तालाब मेला ग्राउण्ड पर लगाई जाएंगी। सतना नगर तथा जिले के अन्य तहसील स्तरीय नगरों में लगाई जाने वाली पटाखा दुकानों, उनकी सुव्यवस्थित बिक्री और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में अपर जिला मजिस्ट्रेट विकास सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण और आवश्यक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारियों के साथ-साथ पटाखा व्यवसायी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विस्फोटक अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन

बैठक के दौरान सतना जिले के पटाखा विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे विस्फोटक अधिनियम 1984, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, विस्फोटक अधिनियम 2008 के साथ-साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। अपर कलेक्टर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में कार्बाइड और चाइनीज पटाखों की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी विक्रेता इन प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री करते पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल कुर्वे, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया, ग्रामीण एलआर जांगडे, डिप्टी कलेक्टर अनुराग तिवारी तथा प्रमुख आतिशबाजी व्यवसायी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मेला ग्राउण्ड में 100 से अधिक अस्थाई शेड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सतना शहर में आतिशबाजी और पटाखों की सभी अस्थाई दुकानें नारायण तालाब मेला ग्राउण्ड पर ही लगाई जाएंगी। इसके लिए नगर निगम सतना द्वारा लगभग 100 से अधिक अस्थाई शेड दुकानों का ले-आउट तैयार कर लिया गया है।

प्रशासन द्वारा विक्रेताओं के लिए नियत स्थल पर आतिशबाजी और पटाखों के सुरक्षित भंडारण, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था, फायर ब्रिगेड की तैनाती, पुलिस बल, निर्बाध बिजली सप्लाई, सुचारू यातायात व्यवस्था तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग से एंट्री और एग्जिट गेट की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी। सतना जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली और एकादशी पर्व पर जिले में निर्धारित विक्रय स्थल के अलावा किसी भी अन्य स्थान पर अवैध रूप से आतिशबाजी का भंडारण या विक्रय करने वालों की सूचना मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ग्रीन पटाखों का उपयोग और डेसिबल सीमा का कड़ाई से पालन

बैठक में सतना जिले के नागरिकों और पटाखा विक्रेताओं से अपील की गई कि दीपावली और एकादशी के अवसर पर केवल रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखों का उपयोग किया जाए। इसके साथ ही, आतिशबाजी विक्रेता किसी भी सूरत में 125 डेसिबल से अधिक आवाज वाले पटाखों का विक्रय नहीं करेंगे।

सभी अस्थाई लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को निर्देश दिए गए कि वे अनुज्ञप्ति जारी करते समय दी गई सभी शर्तों का अनिवार्य रूप से पालन करें। प्रत्येक दुकानदार को सुरक्षा के एहतियात के तौर पर अपनी दुकान पर दो-दो बाल्टियों में पानी, बालू (रेत) और अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी। नियत स्थान अथवा निर्धारित अवधि के अलावा यदि कोई आतिशबाजी या पटाखा बेचते पाया गया, तो उसकी अनुज्ञप्ति तुरंत निरस्त कर दी जाएगी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा मानकों के तहत दुकानों की दूरी और अन्य जरूरी निर्देश

सतना में लगने वाली इन अस्थाई पटाखा दुकानों के संचालन के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए गए हैं:

  • पटाखों की खुदरा बिक्री केवल रात 10 बजे तक ही की जा सकेगी।

  • अस्थाई दुकानें आमने-सामने नहीं लगाई जाएंगी और दो दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की सुरक्षित दूरी रखी जाएगी।

  • किसी भी दुकान से 50 मीटर की परिधि या दायरे के भीतर आतिशबाजी का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

  • दुकानों के भीतर प्रकाश व्यवस्था के लिए किसी भी खुली बिजली बत्ती, गैस लैंप या तेल लैंप का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

  • सतना के सभी पटाखा लाइसेंस धारियों को विस्फोटक नियमों का पालन अत्यंत दृढ़तापूर्वक करना होगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पटाखा व्यापारी संघ के पदाधिकारी और सतना जिले के तमाम आतिशबाजी पटाखा विक्रेता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन को नियमों का पूर्ण पालन करने का भरोसा दिलाया।

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