Editorial Desk | State News | Amit Shrivastava
किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना, गैस सब्सिडी या राशन। पात्र होने के बावजूद कई लोगों के खाते में पैसा नहीं पहुँचता, और ज़्यादातर मामलों में वजह कोई बड़ी नहीं, बल्कि कागज़ की छोटी सी चूक होती है। यहाँ 7 कारण हैं, उन्हें जाँचने का तरीका है और पैसा फिर भी न आए तो शिकायत कहाँ करें, यह भी।
13 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त जारी की। एक क्लिक में 1 करोड़ 25 लाख से ज़्यादा बहनों के खातों में ₹1,835 करोड़ भेजे गए, हर बहन को ₹1,500। फिर भी हर किस्त के बाद कुछ बहनें पासबुक लेकर बैंक पहुँचती हैं और पूछती हैं कि उनका पैसा क्यों नहीं आया।
किसान सम्मान निधि, गैस सब्सिडी और राशन में भी यही सवाल सुनाई देता है। सरकार का पैसा अब सीधे खाते में जाता है, जिसे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) कहते हैं। इसकी शर्त साफ है: आपका आधार, बैंक खाता, समग्र ID और ज़मीन के कागज़ आपस में पूरी तरह मेल खाने चाहिए। एक अक्षर का फर्क भी भुगतान रोक सकता है।
अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर गड़बड़ियाँ आप घर बैठे मोबाइल से पकड़ सकते हैं।
एक नज़र में: कहाँ क्या जाँचें
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समस्या |
कहाँ जाँचें |
क्या करें |
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आधार-बैंक सीडिंग |
myAadhaar पोर्टल, *99*99*1# |
बैंक में NPCI सीडिंग फॉर्म |
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NPCI मैपर गलत बैंक |
npci.org.in पर BASE |
सही बैंक में दोबारा सीडिंग |
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PM-Kisan e-KYC |
OTP, फेस ऐप या CSC |
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LPG सब्सिडी |
गैस कंपनी का ऐप |
बायोमेट्रिक आधार सत्यापन |
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समग्र ID |
समग्र e-KYC |
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राशन कार्ड |
राशन दुकान या Mera eKYC ऐप |
e-KYC पूरी कराएँ |
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पैसा अटका |
योजना पोर्टल या PFMS |
CM हेल्पलाइन 181 |
1. आधार बैंक खाते से जुड़ा है, पर सही खाते से?
बैंक में आधार की फोटोकॉपी दे देना काफी नहीं है। DBT के लिए आपका आधार NPCI के मैपर पर किसी एक बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए। सरकारी भुगतान उसी खाते में जाता है जो इस मैपर पर दर्ज है। नया खाता खुलवाकर वहाँ सीडिंग करा दी, तो पैसा उसी नए खाते में जा सकता है।
घर बैठे कैसे जाँचें
- myAadhaar पोर्टल पर आधार नंबर और OTP से लॉग इन करें और Bank Seeding Status देखें।
- आधार से जुड़े मोबाइल से *99*99*1# डायल करके भी स्थिति देखी जा सकती है।
- npci.org.in पर Consumer सेक्शन में BASE (Bharat Aadhaar Seeding Enabler) से स्थिति देखें या सीडिंग का अनुरोध करें।
बैंक गलत दिखे तो जिस खाते में पैसा चाहिए, उसकी शाखा में आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग का फॉर्म भरें। इसमें आम तौर पर कुछ दिन लगते हैं।

फोटो: आधार-बैंक सीडिंग जाँचने के तीन आसान तरीके (img2_seeding.png)
2. e-KYC अधूरी, तो किस्त रुकी
लगभग हर बड़ी योजना में अब आधार e-KYC अनिवार्य है। मकसद फर्ज़ी लाभार्थी हटाना है, पर समय पर e-KYC न कराने वाले असली लाभार्थी भी अटक जाते हैं।
- PM-Kisan: 23वीं किस्त 20 जून 2026 को आई थी। e-KYC pmkisan.gov.in पर OTP से, PMKISAN ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से या CSC पर हो जाती है।
- LPG: 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिनका बायोमेट्रिक आधार सत्यापन हो चुका है। बाकी को सिलेंडर मिलेगा, पर बिना सब्सिडी। यह डिलीवरी कर्मचारी, एजेंसी या IndianOil ONE, HelloBPCL और HP PAY ऐप से होता है।
- राशन कार्ड: MP में राशन दुकान की POS मशीन पर अँगूठा लगाकर या Mera eKYC ऐप से e-KYC होती है। यह नहीं हुई तो राशन मिलने में दिक्कत आ सकती है।
एक बात ध्यान रखें: e-KYC परिवार के हर उस सदस्य की होनी चाहिए जिसका नाम योजना में है।
3. समग्र ID में गड़बड़ी: MP की सबसे बड़ी अड़चन
मध्य प्रदेश में लगभग हर राज्य योजना का दरवाज़ा समग्र ID से खुलता है। सामाजिक न्याय विभाग ने समग्र पोर्टल से मिलने वाले लाभ के लिए आधार e-KYC अनिवार्य कर दी है।
दिक्कत तब आती है जब समग्र में नाम या जन्मतिथि आधार से मेल नहीं खाती, या शादी के बाद भी बेटी का नाम मायके के परिवार में दर्ज हो। samagra.gov.in पर रिकॉर्ड देखें और e-KYC वहीं से या ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय की मदद से करा लें।
4. नाम की स्पेलिंग: एक अक्षर, पूरी किस्त
आधार में 'Sunita Bai', बैंक में 'Sunita Devi' और खसरे में 'सुनीताबाई'। इंसान के लिए ये एक ही व्यक्ति हैं, सॉफ्टवेयर के लिए नहीं। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में आधार, बैंक खाते और ज़मीन के रिकॉर्ड में नाम का मेल ज़रूरी है। मेल न हो तो भुगतान अटक सकता है।
आम तौर पर आधार वाले नाम को आधार मानें। बैंक में KYC अपडेट कराएँ, ज़मीन के रिकॉर्ड के लिए तहसील या पटवारी से मिलें, और आधार में ही गलती हो तो आधार केंद्र पर सुधार कराएँ।

फोटो: MP के किसान और लाड़ली बहनें: कितना पैसा बनता है (img3_kisan.png)
5. खाता बंद पड़ा है या निष्क्रिय हो गया
रिज़र्व बैंक के नियमों के मुताबिक अगर किसी बचत खाते में दो साल तक ग्राहक की तरफ से कोई लेन-देन नहीं होता, तो बैंक उसे इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय मान लेता है। सरकारी योजना और छात्रवृत्ति वाले खातों के लिए RBI ने बैंकों से अलग व्यवस्था रखने को कहा है, फिर भी खाते को चालू रखना ही सुरक्षित है।
कभी-कभार छोटा लेन-देन करते रहें। खाता निष्क्रिय हो गया हो तो बैंक में KYC अपडेट करा दें। RBI के निर्देश हैं कि निष्क्रिय खाते को फिर से चालू करने का कोई शुल्क नहीं लगेगा।
6. गलत योजना में अटके, बड़ी योजना छूट गई
नुकसान उस पैसे का भी है जिसके लिए आपने आवेदन ही नहीं किया। PM-Kisan में साल में ₹6,000 मिलते हैं और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में ₹6,000 और, दोनों मिलाकर ₹12,000। राज्य योजना का लाभ PM-Kisan में पंजीकरण और e-KYC से जुड़ा है। PM-Kisan में गड़बड़ी हुई तो दोनों पैसे रुक सकते हैं।
ये योजनाएँ भी अक्सर छूट जाती हैं:
- आयुष्मान भारत: पात्र परिवार को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज। 70 पार हर बुज़ुर्ग का, आय की शर्त के बिना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनता है।
- PM विश्वकर्मा: बढ़ई, लोहार, दर्ज़ी, कुम्हार जैसे 18 पारंपरिक कारीगरों के लिए ₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन और 5% ब्याज पर ₹1 लाख और ₹2 लाख का बिना गारंटी कर्ज़।
- PMEGP: नया काम शुरू करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग में ₹50 लाख और सर्विस में ₹20 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 15% से 35% तक सब्सिडी। ग्रामीण और विशेष श्रेणी को ज़्यादा।
अपनी पात्रता देखने के लिए केंद्र सरकार का myScheme पोर्टल उपयोगी है।

फोटो: ये 4 योजनाएँ अक्सर छूट जाती हैं (img4_schemes.png)
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“दो किस्तें नहीं आईं तो लगा नाम कट गया। बैंक गए तो पता चला आधार दूसरे खाते से जुड़ा है, जो बेटे ने शहर में खुलवाया था। फॉर्म भरा, अगली किस्त सही खाते में आ गई।” रामकिशन पटेल, किसान, विदिशा |
7. बिचौलियों से बचें, खुद जाँचें और शिकायत करें
जहाँ पैसा अटकता है, वहाँ 'काम करवा देने' वाले भी पहुँच जाते हैं। कोई e-KYC के नाम पर पैसे माँगता है, कोई OTP पूछ लेता है। किसी योजना में नाम जुड़वाने के लिए 'सेटिंग' का पैसा देने की ज़रूरत नहीं। CSC या लोक सेवा केंद्र पर तय शुल्क की रसीद लें और OTP या बैंक विवरण किसी को न बताएँ।
पैसा कहाँ तक पहुँचा, कैसे देखें
- PM-Kisan: pmkisan.gov.in पर Know Your Status या बेनेफिशियरी स्टेटस। हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606।
- केंद्र की कई DBT योजनाओं का भुगतान PFMS पोर्टल पर DBT Status Tracker से देखा जा सकता है।
- लाड़ली बहना और राज्य योजनाएँ: योजना के पोर्टल पर भुगतान की स्थिति देखें।
शिकायत कहाँ करें
- मध्य प्रदेश: CM हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें या cmhelpline.mp.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- केंद्र की योजनाएँ: CPGRAMS पोर्टल pgportal.gov.in या myGrievance ऐप पर शिकायत।
- योजना की अपनी हेल्पलाइन: PM-Kisan 155261, आयुष्मान 14555।
शिकायत में योजना का नाम, रजिस्ट्रेशन या समग्र ID और रुकी किस्त साफ लिखें, और शिकायत नंबर संभालकर रखें।
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“ज़्यादातर लोग किस्त न आने पर सीधे मान लेते हैं कि नाम कट गया। पहले आधार सीडिंग, फिर e-KYC, फिर नाम का मिलान देखिए। बहुत से मामले इन्हीं तीन में सुलझ जाते हैं, और किसी को पैसा देने की ज़रूरत नहीं पड़ती।” अनिल श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त बैंक शाखा प्रबंधक, भोपाल |
आज ही कर लें ये 5 काम
- myAadhaar पर देखें कि आधार किस बैंक खाते से सीड है, और वही खाता चालू है।
- PM-Kisan, राशन कार्ड और गैस कनेक्शन की e-KYC का स्टेटस जाँचें, बाकी हो तो आज ही कराएँ।
- samagra.gov.in पर परिवार के हर सदस्य की समग्र e-KYC देखें।
- आधार, बैंक पासबुक और खसरे में नाम की स्पेलिंग मिलाएँ, फर्क हो तो सुधार का आवेदन दें।
- पैसा फिर भी न आए तो CM हेल्पलाइन 181 या pgportal.gov.in पर शिकायत करें, किसी बिचौलिए को पैसा न दें।

फोटो: सब्सिडी बचाने की चेकलिस्ट: परिवार के ग्रुप में भेजें (img5_checklist.png)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: बैंक में आधार कार्ड की कॉपी दे दी है, फिर भी DBT क्यों नहीं आ रहा?
उत्तर: कॉपी देना काफी नहीं है। आधार NPCI मैपर पर उसी खाते से जुड़ा होना चाहिए। myAadhaar पर Bank Seeding Status देखें।
प्रश्न: मेरे दो बैंक खाते हैं, सरकारी पैसा किसमें आएगा?
उत्तर: उस खाते में जो NPCI मैपर पर आपके आधार से जुड़ा है।
प्रश्न: LPG की e-KYC नहीं कराई तो क्या गैस बंद हो जाएगी?
उत्तर: नहीं। 1 अक्टूबर 2026 से सिलेंडर मिलता रहेगा, पर बिना सब्सिडी के बाज़ार भाव पर। बायोमेट्रिक आधार सत्यापन होते ही सब्सिडी वाला रिफिल फिर मिलने लगेगा।
प्रश्न: PM-Kisan की किस्त रुकी तो क्या मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का पैसा भी रुकेगा?
उत्तर: राज्य योजना का लाभ PM-Kisan में पंजीकरण और e-KYC से जुड़ा है, इसलिए PM-Kisan में गड़बड़ी का असर दोनों पर पड़ सकता है। पहले PM-Kisan का स्टेटस ठीक कराएँ।
प्रश्न: समग्र ID में नाम गलत है, क्या करें?
उत्तर: samagra.gov.in पर e-KYC करें, जिससे रिकॉर्ड आधार के हिसाब से अपडेट होता है। दिक्कत बनी रहे तो ग्राम पंचायत सचिव, वार्ड कार्यालय या लोक सेवा केंद्र से संपर्क करें।
प्रश्न: CM हेल्पलाइन पर शिकायत का कोई शुल्क है?
उत्तर: नहीं। 181 पर कॉल और cmhelpline.mp.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दोनों मुफ्त हैं। शिकायत दर्ज करवाने के नाम पर कोई पैसा माँगे तो सावधान रहें।
यह जानकारी 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी घोषणाओं, आधिकारिक पोर्टलों और प्रमुख मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। योजना की राशि, शर्तें और तारीखें बदल सकती हैं। कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित योजना के आधिकारिक पोर्टल, बैंक या विभाग से पुष्टि कर लें।
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