विदिशा, मध्य प्रदेश: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले में हो रहे सर्वांगीण विकास कार्यों को एक समग्र दस्तावेज का रूप देने की दिशा में विदिशा जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिला कार्यालय में आयोजित लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान जिले की 'विकास पुस्तिका' के प्रकाशन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों, नवाचारों और निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

विकास पुस्तिका: जिले की प्रगति का आईना

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि विकास पुस्तिका महज एक प्रकाशन नहीं, बल्कि विदिशा जिले की प्रगति की एक प्रमाणिक और समग्र दस्तावेज होगी। यह पुस्तिका शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति को आमजन के समक्ष स्पष्ट करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में हो रहे विकास कार्यों को पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाना है ताकि आमजन शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले की निरंतर हो रही प्रगति से भली-भांति अवगत हो सकें।

विभागों के लिए विशेष निर्देश: क्या और कैसे तैयार करना है?

कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को जानकारी तैयार करने के लिए स्पष्ट मानक तय किए हैं:

  • संक्षिप्त विवरण: सभी प्रमुख उपलब्धियों, नवाचारों और विशेष अभियानों का विवरण केवल 'बुलेट पॉइंट्स' में होना चाहिए।

  • प्रमाणिक डेटा: पुस्तिका में केवल तथ्यात्मक और सत्यापित जानकारी ही सम्मिलित की जाएगी, इसलिए सभी विभागों को अपने आंकड़ों का पुनः सत्यापन करना अनिवार्य है।

  • उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री: केवल लिखित जानकारी ही नहीं, बल्कि प्रत्येक विकास कार्य और विभागीय गतिविधि के उच्च गुणवत्ता (High Resolution) वाले फोटोग्राफ्स भी उपलब्ध कराने होंगे।

  • समग्र कवरेज: इसमें हितग्राही मूलक योजनाओं, अधोसंरचना (Infrastructure) विकास कार्यों और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों को शामिल करना होगा।

क्यों जरूरी है यह विकास पुस्तिका?

बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि यह पुस्तिका भविष्य में जिले की विकास योजनाओं को आकार देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज (Reference Document) के रूप में कार्य करेगी। इसके माध्यम से:

  1. शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलेगा।

  2. जिले की उपलब्धियों को एक ही स्थान पर एकत्रित देखा जा सकेगा।

  3. प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

  4. विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और भविष्य की कार्ययोजनाओं को बनाने में सहूलियत होगी।

अधिकारियों को सख्त ताकीद

कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी विभाग द्वारा जानकारी में लापरवाही या गलत आंकड़े प्रस्तुत करना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका की गुणवत्ता जिले की छवि को प्रदर्शित करती है, इसलिए सामग्री का संकलन पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।

समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु

समीक्षा बैठक में लंबित आवेदनों पर चर्चा के साथ-साथ विकास पुस्तिका प्रकाशन की रूपरेखा पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से इस कार्य की निगरानी करने और सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी महत्वपूर्ण उपलब्धि या नवाचार संकलन से न छूटे।

विदिशा जिले में इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच सूचना के माध्यम से एक सेतु का निर्माण करना है। जब आम जनता को यह पता होगा कि जिला किस दिशा में आगे बढ़ रहा है और कौन-कौन सी योजनाएं उनके लाभ के लिए चल रही हैं, तो जनभागीदारी में वृद्धि होगी। यह विकास पुस्तिका न केवल सूचना का अधिकार देगी, बल्कि जिले के गौरव को भी रेखांकित करेगी।

प्रशासन की इस दूरदर्शी सोच का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे, यही इस पूरे कवायद का लक्ष्य है। सभी विभागों ने भी कलेक्टर के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए समय पर जानकारी देने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि विदिशा की यह प्रस्तावित विकास पुस्तिका जिले के विकास को किस नई दिशा में ले जाती है।

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