विदिशा। आकांक्षी जिला और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की गति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में नीति आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों और संकेतकों के आधार पर जिले की प्रगति का गहन परीक्षण किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी अपनी उपलब्धियों और प्रगति का डेटा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
नीति आयोग के संकेतकों पर प्रशासनिक मंथन बैठक के दौरान एडीपी (Aspirational District Programme) और एबीपी (Aspirational Block Programme) के तहत संचालित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री गुप्ता ने विभिन्न विभागों से उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों, वर्तमान प्रगति और डेल्टा रैंकिंग के सुधार के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, पुरस्कारों के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से जिले में कराए जा रहे कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।
प्रमुख फोकस: स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि कलेक्टर ने बैठक में उन पांच मुख्य स्तंभों पर विशेष जोर दिया जो आकांक्षी जिला कार्यक्रम की रीढ़ माने जाते हैं:
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शिक्षा: विद्यालयों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति।
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स्वास्थ्य एवं पोषण: कुपोषण दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित योजनाएं।
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कृषि: किसानों की आय बढ़ाने और कृषि तकनीक को प्रोत्साहित करने के कार्य।
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स्वरोजगार: युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना।
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विभागीय समन्वय: नीति आयोग के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल।
डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता की अनिवार्यता कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने डेटा अपलोडिंग में होने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि "सटीक और समय पर डेटा अपलोड होने से ही जिले की वास्तविक प्रगति का सही चित्र उभर कर सामने आता है।" उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें और पोर्टल पर डेटा को निरंतर अद्यतन (update) रखें। यह प्रक्रिया न केवल रैंकिंग में सुधार लाएगी, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निर्णय लेने में भी सहायक सिद्ध होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जमीनी स्तर पर संवाद बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओ.पी. सनोडिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, विकासखंड स्तर के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित किया गया। कलेक्टर ने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि समग्र रूप से विदिशा जिले की स्थिति को और बेहतर बनाया जा सके।
निष्कर्ष विदिशा जिला प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि आकांक्षी जिलों की श्रेणी में अपनी स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। नीति आयोग के निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए अपनाई गई यह पारदर्शी और पोर्टल-आधारित प्रणाली जिले के विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान करेगी। प्रशासन ने विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया है, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।
image source : https://vidisha.mpinfo.org

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