मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासकीय आईटीआई विदिशा में सोलर टेक्नीशियन व्यवसाय के अंतर्गत प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों की 'ऑन जॉब ट्रेनिंग' सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य न केवल युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उभरते रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार करना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और युवाओं को तकनीक से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।

व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा तकनीक के हर बारीक पहलू से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया:

  • सोलर पैनल स्थापना: पैनल लगाने की सही तकनीक और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

  • रखरखाव और वायरिंग: सौर ऊर्जा प्रणालियों के प्रभावी संचालन के लिए जरूरी वायरिंग और उनके नियमित रखरखाव (Maintenance) का प्रशिक्षण दिया गया।

  • आधुनिक तकनीक: ऊर्जा संरक्षण के महत्व को समझाते हुए आधुनिक सौर उपकरणों के साथ काम करने की नई विधियां सिखाई गईं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर विशेष फोकस

प्रशिक्षण का एक मुख्य हिस्सा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी "प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" के बारे में जागरूकता फैलाना था। प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि यह योजना कैसे आम नागरिकों के घरों में बिजली की बचत कर सकती है और देश को सौर ऊर्जा की ओर अग्रसर कर सकती है। इस योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा के लाभ और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

उद्यमिता विकास: खुद का काम शुरू करने का अवसर

केवल तकनीशियन बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी बनाना इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख ध्येय रहा। सोलर उद्यमिता विकास के विशेष सत्र में विद्यार्थियों को सिखाया गया कि वे अपना स्वयं का सोलर व्यवसाय कैसे शुरू कर सकते हैं।

प्रशिक्षण के इस भाग में शामिल मुख्य बिंदु थे:

  • व्यवसाय प्रबंधन: स्वयं का सोलर बिजनेस शुरू करने की प्रक्रिया और आवश्यक लाइसेंसिंग।

  • ग्राहक संपर्क और सर्विसिंग: ग्राहकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना, इंस्टॉलेशन और बिक्री के बाद की सर्विसिंग का महत्व।

  • सरकारी योजनाओं का लाभ: सरकार द्वारा सोलर क्षेत्र में दिए जा रहे अनुदान और रोजगार संबंधी लाभों का उपयोग कैसे करें, इस पर जोर दिया गया।

सौर ऊर्जा: भविष्य का सुनहरा क्षेत्र

संस्था की प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने बताया कि वर्तमान में सौर ऊर्जा क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं। लगातार बढ़ती ऊर्जा की जरूरतों और अक्षय ऊर्जा के प्रति बढ़ती वैश्विक जागरूकता के कारण, प्रशिक्षित सोलर टेक्नीशियनों की मांग बाजार में तेजी से बढ़ रही है। आईटीआई के माध्यम से युवाओं को न केवल तकनीकी दक्षता दी जा रही है, बल्कि उन्हें इस बदलते बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

प्रशिक्षणार्थियों ने भी इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए भविष्य में सोलर क्षेत्र में एक सफल करियर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। विदिशा के युवाओं का यह कौशल न केवल उन्हें रोजगार दिलाएगा, बल्कि क्षेत्र में हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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