बल्देवगढ़ के ऐतिहासिक किला प्रांगण में स्थित बलदाऊ जी मंदिर, जो ग्वाल सागर तालाब के किनारे पर स्थित है, अब संरक्षण और विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने मंदिर स्थल का निरीक्षण कर प्रशासनिक स्तर पर इस पहल को गति दी है। इस मौके पर नगर पालिका सीएमओ, नगर परिषद अध्यक्ष, संबंधित विभागों के इंजीनियर, तहसीलदार एवं एसडीएम भी उपस्थित थे।
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह मंदिर परिसर न केवल ऐतिहासिक गरिमा को प्रस्तुत करता है, बल्कि ग्वाल सागर के मनोरम दृश्य के साथ धार्मिक-पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
- मंदिर की जर्जर संरचना का निरीक्षण और उसे सुव्यवस्थित आध्यात्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएँ।
- मंदिर के मूल स्वरूप, प्राचीनता और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए संरक्षण कार्य पर जोर।
- स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, मार्ग सुधार, संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण तथा पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने सोशल मीडिया के माध्यम से बलराम जी, भगवान कृष्ण के अग्रज और कृषि के अधिष्ठाता देवता होने का महत्व साझा किया। उन्होंने जोर दिया कि बलदाऊ जी मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की कृषि परंपरा का आध्यात्मिक प्रतीक भी है।
नगर पालिका के साथ मिलकर मंदिर और संलग्न क्षेत्र के संरक्षण-पुनर्स्थापन का प्रयास शुरू किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों खासकर युवाओं की भागीदारी अपेक्षित है। कलेक्टर ने बल्देवगढ़ को आकांक्षी विकासखंड बताते हुए विश्वास जताया कि बलदाऊ जी के आशीर्वाद से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, नागरिक विकास और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
अंत में, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से शुरू हो सकें।
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