पूज्य मुनि श्री 108 तरुण सागर जी महाराज के 67वें अवतरण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं नमन

आचार्य भगवन् 108 श्री पुष्पदंत सागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य, क्रांतिकारी संत, अपने ओजस्वी एवं निर्भीक प्रवचनों के लिए विख्यात, पूज्य मुनि श्री 108 तरुण सागर जी महामुनिराज के 67वें अवतरण दिवस पर उनके पावन श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन, वंदन एवं नमोस्तु।

पूज्य मुनिश्री ने अपने प्रभावशाली प्रवचनों के माध्यम से जैन दर्शन, अहिंसा, संयम और मानवीय मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने धर्म को केवल मंदिरों तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुँचाने का सतत प्रयास किया और समाज को सत्य, सदाचार तथा राष्ट्रहित का संदेश दिया।

भावांजलि

"यदि आज श्री जिनेन्द्र प्रभु का जिनशासन विश्व पटल पर व्यापक रूप से प्रतिध्वनित हो रहा है, तो उसमें पूज्य मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज के अद्वितीय योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। उनका संकल्प था कि भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांत केवल ग्रंथों तक सीमित न रहें, बल्कि जन-जन के जीवन का मार्गदर्शन बनें। इसी उद्देश्य से उन्होंने धर्म को समाज के बीच पहुँचाने का अथक प्रयास किया।"

पूज्य गुरुदेव का तप, त्याग, संयम और ओजस्वी वाणी अनंतकाल तक श्रद्धालुओं को प्रेरणा देती रहेगी।

नमोस्तु भगवन्। नमोस्तु भगवन्। 🙏