पीडब्ल्यूडी एक बार फिर सुर्खियों में, लेन-देन का वीडियो वायरल होने की चर्चा से मचा हड़कंप, जांच की मांग तेज *टीकमगढ़।* लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। एरियर भुगतान के एवज में सुविधा शुल्क लिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। वीडियो सामने आने की बात के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि इस वीडियो की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। *क्या है मामला -* सूत्रों के अनुसार वायरल बताए जा रहे वीडियो में एरियर भुगतान को लेकर लेन-देन की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि भुगतान के एवज में सुविधा शुल्क लिया गया। इस दौरान उठती हाट में साहब की चुप्पी को लेकर भी विभाग में चर्चाएं हो रही हैं। विभाग के अंदर ही इस बात को लेकर कानाफूसी शुरू हो गई है कि आखिर भुगतान के नाम पर किस तरह का खेल चल रहा है। *जतारा एसडीओ का काम टीकमगढ़ से कराने की चर्चा -* चर्चा यह भी है कि जतारा एसडीओ से संबंधित बिल संबंधी कामकाज को टीकमगढ़ एसडीओ से कराया गया। इसके पीछे के कारणों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बिल भुगतान को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि चहेते ठेकेदारों से काम कराया जा रहा है और भुगतान में पक्षपात किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लाखों रुपये के भुगतान अधर में लटके हुए हैं। विभाग में राशि कम मिलने से भी असमंजस की स्थिति बन गई है कि किसे दें और किसे छोड़ें। सूत्रों का कहना है कि राशि भुगतान में होने वाले खेल को रोकने के नजरिए से फिलहाल इस कदम को बेहतर कहा जा सकता है। *सेवानिवृत्ति के नजदीक साहब, शिकायतों से परेशान -* सूत्रों का कहना है कि संबंधित अधिकारी सेवानिवृत्ति के नजदीक पहुंच चुके हैं और लगातार मिल रही शिकायतों से परेशान हैं। वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए वे अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। यही कारण है कि कई फाइलें अधर में लटकी हुई हैं और भुगतान की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि जाते-जाते जो भुगतान किया जा सकता था, अब वो शायद नहीं किया जा सकेगा, जिसका सीधा असर किसी न किसी पर तो जरूर पड़ेगा। *लंबे समय से लग रहे हैं आरोप -* पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जाती रही हैं। आरोप है कि पक्षपात के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। कहा जा रहा है कि काम करने के बाद भी समय पर भुगतान नहीं हो पाता, जिससे ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। *प्रशासन से ठोस कदम की मांग -* फिलहाल लोगों की मांग है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अटके हुए भुगतान को भी पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द निपटाया जाए।