आमला। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण को लेकर एक प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं एसडीएम श्री शैलेंद्र बड़ोनिया के मार्गदर्शन में “काया कल्प” अभियान और “पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम का समन्वित रूप से संचालन किया जा रहा है, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, गुणवत्ता और उपयोगिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

एसडीएम श्री बड़ोनिया द्वारा इस पूरे अभियान में विशेष रुचि लेते हुए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए परियोजना अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उनके सतत मार्गदर्शन और निगरानी के चलते अब केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं प्री-स्कूल गतिविधियां भी पहले की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित और आकर्षक रूप में संचालित हो रही हैं।

इस अभियान की खास बात यह है कि इसकी मॉनिटरिंग स्वयं एसडीएम स्तर पर की जा रही है। श्री बड़ोनिया विभागीय व्हाट्सऐप समूह के माध्यम से लगातार जुड़े रहते हैं और प्रत्येक गतिविधि की समीक्षा करते हैं। इसके अलावा वे औचक निरीक्षण के तहत कभी भी किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारी और सतर्कता दोनों बढ़ी है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री गौतम अधिकारी के निर्देशन में परियोजना अधिकारी श्री निर्मल सिंह ठाकुर एवं सभी सेक्टर पर्यवेक्षक नियमित रूप से क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां सामने आती हैं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाते हैं और उनकी अनुपालना भी सुनिश्चित की जाती है।

एसडीएम के निर्देशों के पालन में केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अब अधिकांश आंगनवाड़ी केंद्रों में दीवार घड़ी, डस्टबिन, शू-रैक, कुर्सी, टेबल और दरी जैसी बुनियादी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सका है। इन सुधारों से न केवल केंद्रों की छवि बेहतर हुई है, बल्कि अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ा है।

वर्तमान में “पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। सेक्टर पर्यवेक्षकों द्वारा जनसमुदाय को आमंत्रित कर पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसमें मूंगफली, मौसमी फल, दूध, हरी सब्जियां एवं मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा और रागी को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार इन पोषक तत्वों का नियमित सेवन करने से मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। यही कारण है कि पोषण पखवाड़ा के माध्यम से न केवल बच्चों बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

आमला क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों के इस काया कल्प को एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की सक्रियता, निरंतर निगरानी और जनभागीदारी के चलते यह पहल अब एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है, जिससे भविष्य में और बेहतर परिणामों की उम्मीद की जा रही है।

— यह अभियान न केवल बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रख रहा है, बल्कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।