देश के विकास और सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण आज के दौर की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और बढ़ते प्रदूषण के बीच, जब कोई जन-प्रतिनिधि स्वयं किसी बड़े बदलाव की शुरुआत करता है, तो उसका प्रभाव समाज पर गहरा पड़ता है। इसी कड़ी में बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र की लोकप्रिय सांसद श्रीमती भारती पारधी ने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। 21 मई 2026 को बालाघाट जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में शामिल होने के लिए सांसद श्रीमती पारधी ने अपनी पारंपरिक सरकारी गाड़ी छोड़कर ई-रिक्शा को चुना, जो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

प्रधानमंत्री के आह्वान को मिला धरातल पर स्वरूप

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर देशवासियों से पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया है। विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के कम से कम उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहनों) को बढ़ावा देने पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया है। सांसद श्रीमती भारती पारधी ने प्रधानमंत्री के इसी आह्वान को न केवल समझा, बल्कि उसे अपने दैनिक जीवन और सरकारी कार्यों में उतारकर एक उदाहरण पेश किया है। 21 मई की सुबह जब सांसद महोदया बालाघाट कलेक्ट्रेट परिसर में ई-रिक्शा से उतरीं, तो वहां उपस्थित सभी अधिकारी और आम नागरिक आश्चर्यचकित रह गए। यह घटना केवल एक यात्रा नहीं थी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश थी।

ई-रिक्शा का चुनाव: एक प्रतीकात्मक और प्रभावी संदेश

सांसद श्रीमती भारती पारधी का ई-रिक्शा का चयन कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • ईंधन की बचत: आज के दौर में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम और उनकी सीमित उपलब्धता एक चिंता का विषय है। सांसद का यह कदम यह दर्शाता है कि छोटे-छोटे प्रयासों से हम भारी मात्रा में ईंधन की बचत कर सकते हैं।

  • प्रदूषण नियंत्रण: ई-रिक्शा पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त वाहन है। बालाघाट जैसे उभरते जिले में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए ई-वाहनों का उपयोग एक बेहतर विकल्प है।

  • सामाजिक उत्तरदायित्व: एक सांसद का ई-रिक्शा में यात्रा करना यह सिद्ध करता है कि वे जन-प्रतिनिधि होने के साथ-साथ एक सजग नागरिक भी हैं, जो समाज को यह बता रहे हैं कि पर्यावरण बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जवाबदेही है।

नागरिक सुरक्षा और देशहित का आह्वान

बैठक के दौरान अपनी संक्षिप्त चर्चा में सांसद श्रीमती भारती पारधी ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा दोनों ही देशहित के सर्वोपरि विषय हैं। उन्होंने बड़ी संजीदगी के साथ स्पष्ट किया कि ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना केवल एक फैशन नहीं, बल्कि समय की मांग है।

उन्होंने बालाघाट के समस्त नागरिकों से अपील करते हुए कहा:

  1. अनावश्यक उपयोग से बचें: नागरिक अपने दैनिक कार्यों में अनावश्यक रूप से पेट्रोल और डीजल के वाहनों का उपयोग करने से बचें।

  2. वैकल्पिक साधनों को प्राथमिकता: जहाँ संभव हो, वहाँ सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें या ई-वाहनों की ओर रुख करें।

  3. सामूहिक प्रयास: उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर देशहित में एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया यह छोटा कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

बालाघाट प्रशासन और आमजन के लिए प्रेरणा

सांसद श्रीमती भारती पारधी की इस पहल का बालाघाट जिले के प्रशासनिक अमले पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस चर्चा ने अधिकारियों को भी पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक होने के लिए प्रेरित किया है। सांसद का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश को केवल सुनना या भाषणों में दोहराना पर्याप्त नहीं है; उसे अपने जीवन के हर कार्य में उतारना आज की आवश्यकता है।

उनकी यह यात्रा बालाघाट के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो पर्यावरण को लेकर चिंतित हैं। सांसद ने यह संदेश दिया है कि यदि हम विकास के साथ-साथ पर्यावरण का ध्यान रखेंगे, तभी हम सही मायनों में एक विकसित और समृद्ध भारत का निर्माण कर पाएंगे। यह पहल न केवल जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई दिशा दे रही है, बल्कि एक जागरूक और जिम्मेदार नेतृत्व का परिचय भी दे रही है। बालाघाट जिला आज सांसद की इस अनूठी पहल के माध्यम से पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का एक नया अध्याय लिख रहा है।

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