बालाघाट जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसानों की उपज को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रक्रिया निरंतर और व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता इंतजामों के चलते जिले भर में बनाए गए 13 उपार्जन केंद्रों पर किसान अपनी उपज विक्रय के लिए उत्साहपूर्वक पहुंच रहे हैं। 19 मई 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बालाघाट जिले में अब तक 2647 किसानों से 79 हजार 101 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर सफलतापूर्वक खरीदी पूरी कर ली गई है। इस खरीदी प्रक्रिया का कुल मूल्य 20 करोड़ 76 लाख 40 हजार 125 रुपए दर्ज किया गया है।
खरीदी केंद्रों पर किसानों का उत्साह
जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर.के. ठाकुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए कुल 4388 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक 2912 किसानों ने अपनी उपज विक्रय करने हेतु स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। जिले में गेहूं की यह उपार्जन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुई थी, जो कि निर्धारित समयावधि तक जारी रहेगी। किसानों के पंजीयन और स्लॉट बुकिंग के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि जिले के किसान सरकारी खरीदी प्रणाली पर पूर्ण विश्वास जता रहे हैं और अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए जागरूक हैं।
किसानों को त्वरित भुगतान की प्राथमिकता
जिला प्रशासन बालाघाट की ओर से एक और महत्वपूर्ण राहत भरी खबर यह है कि किसानों को उनकी बेची गई उपज का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक कुल खरीदी गई उपज के एवज में किसानों को 15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान सीधे किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित किया गया है। प्रशासन की इस तत्परता ने किसानों की आर्थिक स्थिति को संबल प्रदान किया है, जिससे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में उन्हें बड़ी मदद मिल रही है।
2625 रुपए प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य
इस वर्ष केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बोनस सहित 2625 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह लाभकारी मूल्य किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाने और उन्हें उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक दिलाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की गुणवत्ता के मानक तय हैं और उसी के अनुरूप खरीदी की जा रही है।
उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
जिले के सभी 13 खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं:
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छाया और पानी: किसानों को धूप और गर्मी से बचाने के लिए केंद्रों पर छाया की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
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बैठने की व्यवस्था: केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं, ताकि उन्हें अपनी बारी का इंतजार करने में परेशानी न हो।
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सुचारु संचालन: खरीदी प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों के साथ विनम्र व्यवहार करें और रिकॉर्ड का रखरखाव पूरी पारदर्शिता के साथ करें।
जिला प्रशासन की अपील
उप जिला प्रशासन बालाघाट ने जिले के सभी पंजीकृत किसानों से आग्रह किया है कि वे अपने निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही खरीदी केंद्रों पर पहुंचें। स्लॉट के अनुसार आने से केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं होती और खरीदी प्रक्रिया तेज गति से चलती है। जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर.के. ठाकुर ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का एक भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।
पारदर्शिता और निगरानी
बालाघाट जिले में गेहूं खरीदी की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। उपज की तौल, बारदानों की उपलब्धता और परिवहन व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने किसानों को यह भी आश्वस्त किया है कि यदि उन्हें किसी केंद्र पर कोई समस्या आती है, तो वे तुरंत स्थानीय अधिकारी या तहसील कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
बालाघाट जिले में 20 करोड़ रुपए से अधिक की यह खरीदी राज्य सरकार के किसान-हितैषी विजन को दर्शाती है। यह उपार्जन न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे खरीदी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंचेगी, प्रशासन की पूरी कोशिश होगी कि अंतिम किसान तक भुगतान और खरीदी का लाभ पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचे।
Image source: gemini ai
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