आमला (बैतूल)। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) आमला शैलेन्द्र बडौनियाँ ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) आमला का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जहां कई व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, वहीं कुछ गंभीर लापरवाहियां भी सामने आईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के समय खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक नरवरे सहित सभी चिकित्सक उपस्थित मिले और ओपीडी नियमित रूप से संचालित होती पाई गई। बीपी और शुगर जांच केंद्र भी सुचारू रूप से चल रहा था तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी होना पाया गया।
*दवा वितरण केंद्र में बड़ी लापरवाही उजागर*
जांच के दौरान दवा वितरण केंद्र में एसाईक्लोविर 200 एमजी सहित कई एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। मई, जून और जुलाई माह में समाप्त होने वाली दवाएं भी स्टॉक में मौजूद थीं। इस पर एसडीएम ने तुरंत एक्सपायरी दवाएं हटाने के निर्देश दिए और फार्मासिस्ट को तीन दिन के भीतर स्टॉक रूम से आगामी तीन माह में एक्सपायर होने वाली दवाओं को भी अलग करने के आदेश दिए।
*बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस*
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि डॉ. प्रदीप माण्डेकर द्वारा ओपीडी में बाहर की दवाएं लिखी जा रही थीं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही खण्ड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन दवाओं का स्टॉक कम हो, उनकी मांग कम से कम 15 दिन पहले सुनिश्चित की जाए।
*रेडियोलॉजी और लैब सेवाओं में सुधार के निर्देश-
एक्स-रे कक्ष और रिकॉर्ड की जांच में मरीजों को समय पर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। पैथोलॉजी लैब में स्टाफ उपस्थित मिला और रिकॉर्ड व्यवस्थित पाया गया। ब्लड सैंपल कलेक्शन काउंटर भी नियम अनुसार संचालित हो रहा था।
*एचपीवी वैक्सीनेशन में लक्ष्य के करीब पहुंचा केंद्र*
एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा में 1625 बालिकाओं के लक्ष्य के विरुद्ध 1523 का टीकाकरण पूर्ण पाया गया। शेष 98 बालिकाओं का टीकाकरण पूर्ण करने के लिए छात्रावास अधीक्षक और महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
पोस्टमार्टम रूम और मेडिकल वेस्ट पर फटकार
पोस्टमार्टम कक्ष में तीन बॉडी फ्रीजर चालू मिले, लेकिन परिसर में गंदगी और मेडिकल वेस्ट का ढेर पाया गया। एसडीएम ने अगली निरीक्षण तिथि से पहले नियम अनुसार मेडिकल वेस्ट हटाने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही परिसर में वृक्षारोपण करने को भी कहा गया।
*रसोई और वार्ड व्यवस्था संतोषजनक, भुगतान लंबित*
रसोईघर में साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई और मरीजों ने इलाज व भोजन व्यवस्था को उचित बताया। हालांकि प्रसूता और गर्भवती महिलाओं को दिए जा रहे नाश्ते के भुगतान मई 2024 से लंबित पाए गए, जिस पर तत्काल भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
*बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर*
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत टीम को 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की नियमित जांच, शिविर आयोजन और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को विशेष स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
एसडीएम बडौनियाँ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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