बैतूल/आमला रेलवे प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान दिए गए ज्ञापन पर कांग्रेस ने आमला के भाजपा विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे की कार्यप्रणाली पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व पीसीसी सेक्रेटरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश दामले ने इसे “ड्रामेबाजी” बताते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
एडवोकेट रमेश दामले ने कहा कि रेलवे प्रबंधक केंद्र सरकार के अधीन कर्मचारी होते हैं और उन्हें ज्ञापन सौंपना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। रेलवे से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार केवल केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का होता है, न कि निरीक्षण पर आए अधिकारियों का।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मध्य प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, तो विधायक को सीधे रेल मंत्री से मिलकर आमला की समस्याएं रखनी चाहिए। रेलवे स्टॉपेज, यात्री सुविधाएं और अन्य जनहित मुद्दों पर निर्णय कराने की जिम्मेदारी विधायक की है, न कि दिखावटी ज्ञापन देने की।
दामले ने कहा कि रेल प्रबंधक को ज्ञापन देना केवल एक राजनीतिक ड्रामा है, जिससे जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रेलवे से संबंधित नीतिगत फैसले सरकार करती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान ज्ञापन देकर फोटो खिंचवाना समाधान नहीं है।
पूर्व पीसीसी सेक्रेटरी ने आगे कहा कि विधायक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और दिखावे की राजनीति छोड़कर जनता के वास्तविक मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। जनता को नाटक नहीं, परिणाम चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस तरह की ड्रामेबाजी बंद हो और जनप्रतिनिधि अपनी संवैधानिक भूमिका का निर्वहन करें।
यह आरोप कांग्रेस के पूर्व पीसीसी सेक्रेटरी एडवोकेट रमेश दामले ने लगाए हैं।
Continue With Google