*जबलपुर कलेक्टर के साथ जिले के किसान प्रतिनिधियों की बैठक...*

*किसानों को पुशपालन, मछली पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने प्रेरित करें* – कलेक्‍टर

*कृषि से जुड़े विषयों पर किसानो के प्रतिनिधियों के साथ बैठक संपन्‍न*...
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कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने किसानों को परम्‍परागत खेती के साथ-साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा मत्‍स्‍य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से किया है। कलेक्‍टर श्री सिंह आज खेती किसानी से जुड़े विषयों पर चर्चा करने कलेक्‍ट्रेट में आयोजित किसान प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि इन गतिविधियों को अपनाकर किसान न केवल आय बढ़ा सकते हैं बल्कि आय में निरंतरता भी प्राप्त कर कर सकते हैं। कलेक्टर ने बैठक में बताया कि सरकार की विभिन्‍न योजनाओं के तहत पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा मत्‍स्‍य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने पर किसानों को अनुदान और बैंको के माध्यम ऋण भी उपलब्‍ध कराया जायेगा। उनहोंने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं बताते हुए कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा सांची का मैनेजमेंट और मार्केटिंग का जिम्‍मा संभाल लेने से किसानों को दुग्‍ध उत्‍पादों की न केवल अच्‍छी कीमत मिल रही है बल्कि उन्‍हें अब हर सप्‍ताह भुगतान भी होने लगा है। अकेले जबलपुर दुग्‍ध संघ का दुग्‍ध संग्रहण 4 हजार लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 13 से 14 हजार लीटर हो गया है। कलेक्‍टर ने किसानों विशेषकर नए कृषकों से सहकारी समितियों से जुड़ने का आग्रह भी किया। उन्‍होंने कहा कि शासन का फोकस सहकारिता के क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर है। सहकारी समितियों का सदस्‍य बनने से किसानों को खाद एवं कृषि आदान ऋण पर प्राप्‍त करने में आसानी होगी। फिलहाल जबलपुर जिले के 2 लाख 50 हजार किसानों में से केवल 11  हजार किसान ही सहकारी समितियों के सदस्‍य हैं। श्री सिंह ने बताया कि सहकारी बैंकों का भी अब कम्‍प्‍यूटराइजेशन हो चुका है तथा किसानों को पैसा जमा करने और पैसा निकालने पर एसएमएस भी भेजे जा रहे हैं। 
कलेक्‍टर ने प्रत्‍येक किसान की आधार से ई-केवायसी कराने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्‍य में पीएम किसान जैसी शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने में किसी भी तरह की कठिनाई न हो। बैठक में सभी किसानों से फार्मर आईडी बनवाने का आग्रह भी किया गया। ऐसे किसान जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है वे जिले के प्रत्‍येक विकासखंड में चलाये जा रहे कृषि रथ के माध्‍यम से अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। 
 नहरों की साफ-सफाई और मरम्‍मत के विषय पर भी किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक में विस्‍तार से चर्चा हुई। कलेक्‍टर श्री सिंह ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को आखरी छोर तक पानी पहुंचाने के लिए जहां भी आवश्‍यकता हो नहरों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिये। उन्‍होंने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि कहां और कब नहरों की साफ-सफाई की जानी है, इसकी जानकारी क्षेत्र के किसानों को भी उपलब्‍ध कराई जाये।  
15 जून से सिंचाई के लिए पानी उपलब्‍ध कराने के दिये निर्देश -
कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने बैठक में किसानों द्वारा दिये गये सुझाव पर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को 15 जून से सिंचाई के लिए पानी उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये। उन्‍होंने अधिकारियों से कहा कि खेतों को पानी उपलब्‍ध कराने का प्‍लान तैयार करें और तहसील स्‍तर पर किसानों को इसकी जानकारी भी दें। श्री सिंह ने पिछले वर्ष हुए नहरों की साफ-सफाई और मरम्‍मत के कार्यों की जानकारी भी तहसील स्‍तर पर किसानों को उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये। तहसील स्‍तर पर बैठकों तथा जैविक हाट के आयोजन की तारीफ -
खेती किसानी से जुड़े विषयों पर चर्चा करने कलेक्‍ट्रेट में आयोजित इस बैठक में किसान संघों के प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्‍याओं के त्‍वरित निराकरण के लिए प्रत्‍येक रविवार को तहसील स्‍तर पर बैठकों के आयोजन की कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह द्वारा शुरू की गई पहल की सराहना की। किसान संघों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन बैठकों से किसानों की स्‍थानीय स्‍तर की समस्‍याओं के निराकरण में तेजी आई है और इसके अच्‍छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। प्रतिनिधियों ने कृषि उपज मंड़ी में प्रत्‍येक रविवार को जैविक हाट के आयोजन की भी तारीफ करते हुए कहा कि जैविक हाट प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को उनके उत्‍पादों की अच्‍छी कीमत दिलाने में कामयाब रहा है। जैविक हाट का सप्‍ताह के सातों दिन आयोजन करने का सुझाव भी कलेक्‍टर को दिया। 
  पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा मत्‍स्‍य पालन की योजनाओं पर केन्द्रित होगी अगली बैठक कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने बैठक में बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और कृषि से जुड़े विभागों की आगामी संयुक्‍त बैठक शासन द्वारा प्रायोजित उन योजनाओं पर केन्द्रित होगी जिनके तहत पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा मत्‍स्‍य पालन जैसी गतिविधियों के लिए किसानों को अनुदान और ऋण उपलब्‍ध कराया जाता है। बैठक में किसानों को उर्वरक की उपलब्‍धता की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि किसानों की मांग के अनुरूप खरीफ फसल के लिए जिले में पर्याप्‍त मात्रा में उर्वरक उपलब्‍ध है। किसानों को ऑनलाईन बुकिंग के माध्‍यम से उनकी आवश्‍यकता के अनुसार पर्याप्‍त मात्रा में उर्वरक उपलब्‍ध कराया जायेगा। बैठक में कृषि से जुड़े विभागो के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे। संचालन उप संचालक कृषि उमेश कटहरे ने किया।