प्रस्तावना एवं अभियान की पृष्ठभूमि

आगामी त्योहारों के मद्देनजर आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विदिशा जिले में लगातार निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण की सघन कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के कुशल निर्देशन में राजस्व विभाग एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। इस संयुक्त टीम द्वारा विदिशा जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित मिठाई की दुकानों, किराना स्टोर्स और अन्य प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि त्योहारी सीजन में किसी भी प्रकार की मिलावट या स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को पूरी तरह से रोका जा सके।

विदिशा शहर और लश्करपुर में संयुक्त टीम की कार्रवाई

विस्तृत निरीक्षण अभियान के तहत संयुक्त टीम ने विदिशा शहर और उसके आसपास के कई प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया। इस दौरान निम्नलिखित प्रमुख दुकानों पर जांच की गई:

  • रामजी मिठाईवाला (राजीव नगर, विदिशा): इस प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान की संयुक्त टीम द्वारा जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरण एम. श्रीवास्तव द्वारा यहां से गुणवत्ता की जांच हेतु आलू चिप्स और दूध से बनी मिठाई के नमूने विधिवत रूप से संकलित किए गए।

  • राजस्थान स्वीट्स (ढीलखेड़ी चौराहा, विदिशा): इस दुकान का भी निरीक्षण किया गया और यहां खाद्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई।

  • जैन स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी (रामलीला चौराहा, विदिशा): रामलीला चौराहा स्थित इस संस्थान पर पहुंचकर टीम ने खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था का जायजा लिया।

  • गोलू टी स्टॉल एंड रेस्टोरेंट (ग्राम लश्करपुर): ग्रामीण क्षेत्र के इस प्रतिष्ठान की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरण एम. श्रीवास्तव द्वारा मावा, बर्फी तथा बेसन के लड्डू के नमूने एकत्रित किए गए ताकि ग्रामीण अंचल के उपभोक्ताओं को भी शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें।

जांच के दौरान यह संतोषजनक पाया गया कि निरीक्षण किए गए सभी प्रतिष्ठानों में खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) वैध पाई गई।

विदिशा बस स्टैंड पर सघन निगरानी और वाहनों की जांच

त्योहारों के इस सीजन में अन्य जिलों या राज्यों से बाहरी क्षेत्रों से आने वाले खाद्य पदार्थों, विशेषकर मावा और अन्य दुग्ध उत्पादों की भारी खपत होती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को सबसे पहले समाप्त करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विशेष रणनीति बनाई गई है।

इसी रणनीति के तहत विदिशा बस स्टैंड पर आने वाली विभिन्न बसों की अत्यंत सघन जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने bus संचालकों, ड्राइवरों और संबंधित ट्रांसपोर्टर्स को बहुत कड़े निर्देश दिए हैं कि यदि उन्हें किसी भी माध्यम से बाहर से मावा या अन्य खाद्य सामग्री आने की सूचना प्राप्त होती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। इस त्वरित सूचना प्रणाली से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच सुनिश्चित की जा सकेगी और मिलावटखोरों के मंसूबों पर पानी फेरा जा सकेगा।

गंजबासौदा तहसील में मिठाई की दुकानों पर निरंतर औचक निरीक्षण

विदिशा के अलावा गंजबासौदा तहसील क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा प्रशासन का शिकंजा पूरी तरह कसा हुआ है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कुदसिया खान द्वारा गंजबासौदा क्षेत्र की प्रमुख मिठाई दुकानों और होटलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस निरंतर चलने वाली कार्रवाई के तहत जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए, उनका विवरण इस प्रकार है:

  • स्वीट्स गंगा होटल: इस होटल से खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मावा बर्फी, अखरोट बर्फी, मलाई लड्डू और लोकप्रिय सोनपापड़ी के नमूने जांच के लिए उठाए गए।

  • मारवाड़ी होटल एंड रेस्टोरेंट: इस प्रतिष्ठान से पनीर, मलाई बर्फी, बेसन नुक्ती, शुद्ध घी और नमकीन सेव के नमूने संकलित किए गए।

इन सभी नमूनों को मुहरबंद कर मानक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रख लिया गया है, जिन्हें अब प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।

लटेरी एवं आनंदपुर क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच

दिनांक 24 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लटेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मिठाई एवं किराना प्रतिष्ठानों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र में हुई कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • रौनक किराना (लटेरी): इस किराना स्टोर से आकाश सोनपपड़ी, बेसन, नाकोड़ा बेसन लड्डू और आकाश नमकीन के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए।

  • मां अंबे श्री स्वीट्स (आनंदपुर, लटेरी): यहां से त्योहारी मांग के मद्देनजर मावा बर्फी का विशेष नमूना एकत्रित किया गया।

  • विवेक ट्रेडर्स (आनंदपुर, लटेरी): इस बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान से पतंजलि घी, सोयाबीन तेल, किशमिश, कुकिंग मीडियम, रवा और मैदा के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में नमूनों का परीक्षण

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विभिन्न तहसीलों, कस्बों और दुकानों से जितने भी खाद्य पदार्थों के नमूने (सैंपल्स) लिए गए हैं, उन सभी को नियमानुसार राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है।

इस प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला से जब विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, तभी यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप हैं या नहीं। यदि किसी भी नमूने की रिपोर्ट में मिलावट, हानिकारक रसायनों की मौजूदगी अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों का किसी भी प्रकार से उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्त चेतावनी और आगे की कार्ययोजना

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी पर्वों के इस पावन और महत्वपूर्ण समय को देखते हुए जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच और नमूना संग्रहण का यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगा।

अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों, निर्माताओं और दुकानदारों को कड़ी हिदायत दी है कि वे अनिवार्य रूप से खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को पूरी तरह से शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी नागरिक के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो सके।

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