मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण और विकास कार्यों की गति को निरंतर बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी क्रम में, प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सतना और मैहर सहित पूरे प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक एक विशेष जन-केंद्रित अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और पर्यावरण संरक्षण व जन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है। सतना के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और मैहर से कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने इन निर्देशों के अनुपालन हेतु पूरी तैयारी सुनिश्चित की है।

पर्यावरण और स्वच्छता: एक व्यापक कार्ययोजना

मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, इस विशेष अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से हुई है। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए एक व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि:

  • प्रत्येक नगरीय निकाय में कम से कम 500 पौधे रोपित करना अनिवार्य है.

  • 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा.

  • सभी शासकीय भवनों, विद्यालयों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष साफ-सफाई अभियान चलाए जाएंगे.

  • प्लास्टिक कचरे के खात्मे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के लिए नगरीय निकायों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं.

जनकल्याण शिविर: योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

प्रशासनिक अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 12 से 18 जून के बीच आयोजित होने वाले 'जनकल्याण शिविर' हैं। इन शिविरों को लेकर मुख्य सचिव ने विस्तृत रूपरेखा तय की है:

  • समय-सीमा: प्रत्येक विकासखण्ड मुख्यालय और नगरीय निकाय में तीन दिवसीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा.

  • पंजीयन एवं लाभ: आयुष्मान योजना, पीएम सूर्यघर योजना, स्वनिधि योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का मौके पर ही पंजीयन कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा.

  • समस्या निवारण: आम जनता से प्राप्त आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा.

  • सीएम हेल्पलाइन: मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निर्देशित किया है कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण इन शिविरों के माध्यम से पूरा किया जाए.

  • विकास प्रदर्शनी: शिविरों के साथ-साथ शासन की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी देने के लिए विकास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी.

प्राकृतिक खेती और योग दिवस का महत्व

अभियान के अंतर्गत केवल सरकारी योजनाओं का लाभ ही नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और नागरिकों को स्वस्थ रखने के लिए भी विशेष कदम उठाए जा रहे हैं:

  • प्राकृतिक खेती कार्यशाला: 19 एवं 20 जून को कम से कम दो स्थानों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें कृषि वैज्ञानिक किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों से परिचित कराएंगे. कृषि विभाग को इस कार्य के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है.

  • विश्व योग दिवस (21 जून): 21 जून को जिला, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे. आयुष विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जिसे शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा और जनजातीय कार्य विभागों का सहयोग प्राप्त होगा.

  • पंजीयन हेतु टोलफ्री नम्बर: सामूहिक योगाभ्यास में भागीदारी के लिए टोलफ्री नम्बर 18003157008 जारी किया गया है. इस नम्बर पर मिसकॉल करने पर कार्यक्रम की लिंक प्राप्त होगी, जिससे जुड़कर आमजन अपना पंजीयन करा सकते हैं. मुख्य सचिव ने इस नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें.

जल गंगा संवर्धन और जल संरक्षण

मुख्य सचिव ने जल संरक्षण को इस अभियान का अनिवार्य हिस्सा बताया है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत निम्नलिखित कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं:

  • पुराने जल स्रोतों की सफाई और उनके पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है.

  • जल स्रोतों में रिचार्ज पिट का निर्माण और भवनों में रुफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

  • जल संरक्षण से संबंधित सभी कार्यों को संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.

प्रशासनिक सतर्कता और सतना-मैहर की तैयारी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन इन सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा के अनुरूप कार्य कर रहा है। सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही सौंपी गई है ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। यह अभियान न केवल सरकारी मशीनरी को सक्रिय करेगा, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को भी कम करेगा।

निष्कर्ष

सतना और मैहर जिले में मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित यह 17-दिवसीय अभियान (5 जून से 21 जून) प्रदेश के समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। पर्यावरण से लेकर स्वास्थ्य, कृषि से लेकर योग तक, इस अभियान में हर पहलू को शामिल किया गया है जो सीधे तौर पर आम नागरिक के जीवन स्तर को प्रभावित करता है। अब प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि इन शिविरों में आने वाले हर आवेदक को संतुष्टि प्रदान की जाए। यदि यह अभियान अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हुआ, तो निश्चित रूप से सतना जिले के नागरिकों को सरकारी योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और जिले में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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