गाडरवारा: शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, पुनर्मूल्यांकन में 33 अंकों की बढ़ोतरी

लोकेशन: नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश

रिपोर्टर: चंद्रशेखर मालवीय

नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा, जहां से स्कूल शिक्षा मंत्री आते हैं, वहां की शिक्षा व्यवस्था की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला तब उजागर हुआ जब कक्षा 12वीं के एक छात्र के हिंदी विषय में पुनर्मूल्यांकन के बाद सीधे 33 अंक बढ़ गए, जबकि माध्यमिक शिक्षा मंडल के पोर्टल पर अब भी "No Change" दिखाया जा रहा है।

यह सवाल उठता है कि जब मंत्री की विधानसभा में ऐसे मामले हो सकते हैं, तो पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या होगी? आइए जानते हैं गाडरवारा से हमारी खास रिपोर्ट में।

ग्राम सूकरी के छात्र ने उठाए गंभीर सवाल

गाडरवारा तहसील के ग्राम सूकरी निवासी छात्र अभय कौरव ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके अनुसार, 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय में उन्हें पहले केवल 40 अंक मिले थे, जबकि पुनर्मूल्यांकन के बाद ये अंक 73 हो गए।

यह चौंकाने वाली बात है कि इतने बड़े बदलाव के बावजूद बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर "No Change" दर्शाया जा रहा है। अभय और उनके परिजनों ने इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत और जांच की मांग

अभय कौरव का कहना है कि यदि उन्होंने पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया होता, तो उनके भविष्य के साथ बड़ा अन्याय हो जाता। मामले की शिकायत नरसिंहपुर कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।

अब यह मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बन गया है।

बाइट्स

  • अभय कौरव, छात्र: [बाइट]
  • रजनीश कुमार कौरव, परिजन: [बाइट]

यह घटना शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट करती है, जिससे भविष्य में ऐसे मामले सामने न आएं।