केसली (सागर)। मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं आवासीय भूमि पर ग्रामीणों को उनका वास्तविक मालिकाना हक दिलाने के उद्देश्य से एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह 'स्वामित्व रजिस्ट्री निष्पादन अभियान शिविर' तहसील केसली (जिला सागर) के मंगल भवन में आयोजित हुआ।

​इस विशेष आयोजन में देवरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजबिहारी पटेरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, रमाकांत राजोरिया, सुधीर भाई, कृष्णा दीवान, गोपाल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनंदनी शर्मा, तहसीलदार देवी प्रसाद चक्रवर्ती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, योजना के लाभार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद रहे। शिविर के दौरान एक लाभार्थी की ई-रजिस्ट्री सभी के समक्ष सांकेतिक रूप से की गई और यह घोषणा की गई कि जब तक सभी हितग्राहियों की रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

 

शिविर की प्रमुख विशेषताएं और मुख्य बातें

  • ​सांकेतिक ई-रजिस्ट्री: कार्यक्रम के दौरान अतिथियों की उपस्थिति में एक लाभार्थी की ई-रजिस्ट्री सबके समक्ष सांकेतिक रूप में संपन्न की गई।
  • ​केसली तहसील की स्थिति पर चर्चा: एसडीएम राजनंदनी शर्मा ने जानकारी दी कि जिले की 14 तहसीलों में केसली पहले टॉप 3 में शामिल रही है, लेकिन किन्हीं कारणों से वर्तमान में यह छठे स्थान पर आ गई है, जिसे प्रशासनिक प्रयासों और जनसहयोग से जल्द ही फिर से सुधारा जाएगा।
  • ​विधायक बृजबिहारी पटेरिया का संबोधन: मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक पटेरिया ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस योजना से ग्रामीणों को अपनी ही जमीन पर कानूनी अधिकार मिल रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के भूमि विवाद की गुंजाइश नहीं रहेगी।
  • ​निरंतर जारी रहेगा कार्य: प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र के सभी पात्र लोगों की रजिस्ट्री पूर्ण होने तक यह प्रक्रिया और शिविर जारी रहेंगे।

​क्यों खास है स्वामित्व योजना?

कानूनी सुरक्षा

गांव के मकान और आबादी भूमि का आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड दर्ज होगा।

विवादों से मुक्ति

सीमांकन और आपसी संपत्ति विवादों में भारी कमी आएगी।

आर्थिक सशक्तिकरण

संपत्ति कार्ड और रजिस्ट्री के आधार पर बैंकों से आसानी से लोन मिल सकेगा।

 

ग्रामीणों से अपील

​राजस्व विभाग और प्रशासन ने केसली तहसील के सभी शेष छूटे हुए ग्रामीणों से अपील की है कि वे शासन द्वारा आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में समय पर पहुंचकर अपनी भूमि और आवासीय संपत्ति का सत्यापन कराएं, ताकि उन्हें अपनी संपत्ति का सरकारी दस्तावेज समय पर मिल सके।