आलोट। धनतेरस के अवसर पर बाजार में उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची अपने परिजनों से बिछड़ गई। बाजार की भीड़ में बच्ची के गुम होने से परिजन परेशान हो उठे। ऐसे समय में आलोट पुलिस और यातायात पुलिस ने संवेदनशीलता एवं तत्परता दिखाते हुए बच्ची को सकुशल उसके परिवार तक पहुंचाकर बड़ी राहत दी।

जानकारी के अनुसार बामनखेड़ी निवासी रचना पति यशपाल परिहार की तीन वर्षीय पुत्री कनिष्का धनतेरस की खरीदारी के दौरान बाजार में परिजनों से बिछड़ गई थी। बच्ची के गुम होने की जानकारी मिलने पर यातायात पुलिस एवं आलोट थाना पुलिस ने तत्परता से सहायता की। इस दौरान आरक्षक रवि शर्मा एवं आरक्षक अजीत जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के सहयोग से मासूम कनिष्का को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाया गया।

अपनी मासूम बेटी को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने आलोट थाना पुलिस एवं यातायात पुलिस की तत्परता और सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।

धनतेरस की चहल-पहल और बाजार की भीड़ के बीच पुलिस की यह मानवीय पहल सराहनीय रही। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों के साथ खड़े रहना भी है। इस घटना में पुलिस का यही संवेदनशील चेहरा सामने आया।